विकास यात्रा की झलकियॉं
  • वित्त, रक्षा एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्री अरुण जेटली ने दि. 26 अगस्त, 2017 को राष्ट्र के प्रति हॉक-आई विमान को समर्पित किया।

    उत्तर प्रदेश के नैनी में हिन्‍दुस्तान केबल्स लिमिटेड (एचसीएल) की इकाई को सहायक कंपनी बनाने के लिए एचएएल द्वारा अधिग्रहित किया गया और कंपनी अधिनियम के तहत
    "नैनी एरोस्पेस लिमिटेड (एनएईएल)" के रूप
    में शामिल करते हुए नई दिल्ली में दि. 30 जनवरी, 2017 को अधिग्रहण के समझौते पर हस्ताक्षर किए गए ।

    एचएएल ने 29 मार्च, 2017 को भारतीय तट रक्षक और भारतीय नौसेना को 32 एएलएच (एमके -3 व्हील संस्करण) की आपूर्ति के लिए
    दो अलग-अलग अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए।  

    एचएएल द्वारा अभिकल्पित 5.8 टन श्रेणी के लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर के उत्पादन हेतु दि. 26 अगस्त, 2017 को लॉन्च किया गया । 

    सुखोई इंजन डिवीजन, कोरापुट द्वारा कच्चे माल से निर्मित सु -30 विमान का 50 वां एएल 31 एफपी इंजन दि. 23 अक्टूबर, 2017 को दिल्ली में भारतीय वायु सेना (आईएएफ) को सौंप दिया गया।
     

  • माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दि. 3 जनवरी, 2016 को बिहाररेल्ला कवल, गुब्बी  तालुक, तुमकुरु, में एचएएल की नई हेलीकॉप्टर विनिर्माण सुविधा के लिए आधारशिला रखी।
    एचएएल ने दि. जनवरी, 2016 को एचटीटी -40 प्रोटोटाइप रोल-आउट  किया ।
        
    ब्रह्मोस मिसाइल के साथ सु -30 एमकेआई विमान की पहली कैरिज उड़ान दि. 25 जून, 2016 को  एचएएल  हवाई अड्डे, नासिक में सफलतापूर्वक हासिल की गई थी।

    एचएएल हवाई अड्डे बेंगलुरु में 17 जून, 2016 को एचएएल द्वारा डिजाइन और विकसित
    भारत के अपने स्वदेशी एचटीटी 40 (बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट - बीटीए) की पहली उड़ान।

    एचएएल के  पहले मिराज  2000 के अपग्रेडेड एफओसी ने दि. 28 जुलाई, 2016 को परीक्षण उडान भरी ।

    भारत और रूस ने दि; 15 अक्टूबर, 2016 को गोवा में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2016 के दौरान भारत में कामोव हेलीकॉप्टरों के संयुक्त उत्पादन लिए एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौता किया।

    डोर्नियर -228 (सिविल संस्करण) की संरचनात्मक असेंबली दि. 10 दिसंबर, 2016 को कानपुर डिवीजन में शुरू की गई ।
     

  • रक्षा मंत्री श्री मनोहर पर्रिकर ने दि. 17 जनवरी, 2015 को एचएएल बेंगलुरु परिसर में एक समारोह में भारतीय वायु सेना को
    एचएएल द्वारा बनाए गए पहली श्रृंखला उत्पादन लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस को सौंपा ।

    एचएएल ने 9 जनवरी, 2015 को नासिक में आयोजित समारोह में रक्षा मंत्री श्री मनोहर पर्रिकर के माध्यम से भारत वायुसेना में पहले ओवरहाल किए गए  सु -30 एमकेआई (एसबी 027) विमान को सौंप दिया ।

    एचएएल ने भारतीय वायुसेना में 14
    डी ओ -228 विमानों की आपूर्ति के लिए एक प्रमुख रक्षा अनुबंध  किया ।

    एचएएल द्वारा भारत के पहले स्वदेशी विजुअल रेंज से परे (बीवीआर) एयर-टू-एयर मिसाइल अस्‍त्र को ओडिशा के चंडीपुर से सु -30 एमकेआई विमान पर एकीकृत रूप में सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया ।

    एचएएल ने दि. 25 मार्च, 2015 को अपग्रेड स्ट्राइक एयरक्राफ्ट जगुआर डेरिन III की पहली उड़ान सफलतापूर्वक पूरी की।

    महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा एचएएल को दि. 8 अप्रैल, 2015 को ओहर हवाई अड्डे (नासिक) टर्मिनल भवन को सौंप  दिया गया ।

    एचएएल ने अफगानिस्तान वायु सेना (एएएफ) को तीन चीतल हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति की।

    25 केएन स्वदेशी एरो इंजन (हिंदुस्तान टर्बो फैन इंजन - एचटीएफई 25) के मूल का उद्घाटन दि. 14 दिसंबर, 2015 को एचएएल के इंजन डिवीजन में रक्षा मंत्री श्री मनोहर पर्रिकर की उपस्थिति में सफलतापूर्वक पूरा हो गया ।

    सेंटर फॉर मिलिटरी एयरवर्थनेस एंड सर्टिफिकेशन ने 21 दिसंबर, 2015 को बेंगलुरू में हथियारयुक्त एएलएच एमके -4 (आईएएफ संस्करण) के लिए प्रारंभिक परिचालन मंजूरी (आईओसी) प्रदान की।

    एचएएल ने अपनी प्लैटिनम जुबली मनाई ।
     

  • माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एचएएल
    के स्टार उत्पाद एएलएच-ध्रुव को दि. 25 नवंबर, 2014 को काठमांडू में नेपाल के प्रधान मंत्री श्री सुशील कोइराला को सौंपा ।

    भारत के स्वदेशी रूप से अभिकल्पित और विकसित अग्रणी लड़ाकू विमान, लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) ने 20 दिसंबर, 2013 को प्रारंभिक परिचालन अनुमति (आईओसी II)
    प्राप्त करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल
    की और आईएएफ स्क्वाड्रन में शामिल होने के चरण में प्रवेश किया।

    हेलिबोर्न सर्वेक्षणों के अंतर्गत दि. 22 जनवरी, 2014 को कस्टम-निर्मित राष्‍ट्र को समर्पित एएलएच-ध्रुव को गरुड़ वसुधा
    का नाम दिया गया ।

    एलसीएच टीडी 3 ने अपनी पहली उड़ान भरी ।

    एचएएल के मिग कॉम्प्लेक्स, नासिक ने अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने  के उपलक्ष्‍य में दि. 10-11 नवंबर, 2014 को “वांतरिक्ष  क्षेत्र में आत्म-निर्भरता (एसआरआईएएस) -2014" विषय पर दो दिवसीय संगोष्ठी के आयोजन के साथ मनाया ।

  • श्री ए के एंटनी , रक्षा मंत्री ने दि. 31 जनवरी, 2013 को एचएएल के डीओ -228 विमान को नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में सेशल्स के विदेश मंत्री श्री जीन – पॉल एडम, सौंपा ।
     
    ओडिशा में दि. 9 मई, 2013 को एचएएल की कोरापुट (सुनाबेडा) सुविधाओं में देश में
    एकमात्र और दुनिया में दूसरी तरह की अत्याधुनिक मानव निर्मित चैम्बर वेल्डिंग (एमसीडब्लू) शॅाप का उद्घाटन किया गया।
     
    एचएएल द्वारा अभिकल्पित, विकसित,
    उत्पादित और अनुरक्षित भारत का पहला स्वदेशी हेलिकॉप्टर,उन्नत लाइट हेलीकॉप्टर
    (एएलएच-ध्रुव) ने दि. 9 अक्टूबर, 2013 को
    एक लाख घंटे की उड़ान भरने की उपलब्धि हासिल की।
     
    भारतीय नौसेना ने दि. 6 नवंबर, 2013 को एचएएल द्वारा उत्पादित पहले पूर्णत: भारतीय स्‍तर पर विनिर्मित हॉक एडवांस्ड जेट ट्रेनर को आईएनएस डेगा, विशाखापत्तनम में शामिल किया।
     
     

  • बेंगलुरू में दि. 28 मई 2012 को एचएएल और एमटीएएल, यूएसी-टीए,
    रूस के बीच मल्टीरोल
    ट्रांसपोर्ट
    एयरक्राफ्ट (एमटीए) परियोजना के लिए सामान्य अनुबंध

    एलयूएच की संरचनात्मक असेंबली के लिए सभी संरचनात्मक भागों और
    विश्लेषण के
    लिए विस्तृत डिजाइन और विश्लेषण का कार्य पूरा हुआ।
    असेंबली जिग्स का डिजाइन पूरा हो गया।

    वैश्विक निवेशकों की दि. 7 जून, 2012 को  हुई बैठक के दौरान एचएएल
    और कर्नाटक सरकार के बीच
    समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए ।
    समझौता ज्ञापन के अनुसार, एचएएल एयरपोर्ट के पास इंजन और नए लड़ाकू विमान के लिए विनिर्माण इकाई स्थापित करने हेतु 600 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।

    मंगल ऑर्बिटर मिशन उपग्रह संरचना दि. 22 जून, 2012 को इसरो के भारतीय सैटेलाइट सेंटर (आईएसएसी), बेंगलुरु को सौंपी गई !

  • मारूत (एचएफ-24) की प्रथम उड़ान की स्‍वर्ण जयंती

    आर्मी एविएशन कार्प को 5 एएलएच दिए गए

    नामीबिया को एक चीता सुपुर्द किया गया

    भारतीय तटरक्षक ने 100 वाँ डॉर्नियर प्राप्‍त किया

    डीजीसीए द्वारा ध्रुव को डी स्‍तर का प्रमाणन

  • एलसीएच की पहली उड़ान

    प्रथम एलसीए (नौसेना) का रोल आऊट

    एलसीए को प्राथमिक प्रचालन अनुमति मिली

    कम्‍प्रेशर श्राउड रिंग के निर्माण हेतु एचएएल-रॉल्‍स रॉयस ने एक संयुक्‍त उद्यम स्‍थापित किया

    यूके के माननीय प्रधनमंत्री डेविड कैमरून का एचएएल दौरा

    बहुद्देशीय परिवहन वायुयान (एमटीए) के सह-विकास एवं सह-उत्‍पादन हेतु एचएएल, यूएसी एवं रोसोबरोन एक्‍सपोर्ट की संयुक्‍त उद्यम कम्‍पनी की स्‍थापना

    एफजीएफए हेतु एचएएल, रोसोबरोन एक्‍सपोर्ट एवं सुखोई डिज़ाइन ब्‍यूरो, रूस के बीच प्राथमिक अभिकल्‍प संविदा हस्‍ताक्षर किए गए।

  • एचएएल को उत्‍कृष्‍टता के लिए रक्षा मंत्री पुरस्‍कार मिला

    बोईंग 777 के फ्‍लेपरॉन के उत्‍पादन के लिए एचएएल और बोईंग ने एक समझैते पर हस्‍ताक्षर किए

    एचएएल ने इक्‍वाडोर एयर फोर्स को 5 एएलएच सुपुर्द किए एक एएलएच मॉरीशस को दिया गया।

  • एचएएल द्वारा निर्मित प्रथम हॉक प्रशिक्षक एमके 132 वायुयान भारतीय वायुसेना को सुपुर्द किया गया।

    नैट की स्‍वर्ण जयंती मनाई गई

  • सीएई और एचएएल ने भारत में हेलिकॉप्‍टर प्रशिक्षण केन्‍द्र के लिए एक संयुक्‍त उद्यम कम्‍पनी (हैट्सऑफ) की स्‍थापना की

    वायुसेनाध्‍यक्ष ने शक्ति इंजन युक्‍त एएलएच उड़ाया

    कोलम्बिया के रक्षा मंत्री ने एचएएल का दौरा किया

  • एचएएल एवं रॉल्‍स रॉयस ने साझीदारी की 50 वीं वर्षगांठ मनाई

    आईजेटी ने गर्म मौसम परीक्षण पूरा किया

    एवियॉनिक्‍स के लिए एचएएल और सेमटेल का संयुक्‍त उद्यम प्रारम्‍भ हुआ

    एचएएल और सेन्‍को इंटरनेशनल ने इंजन परीक्षण सुविधा अभिकल्‍प एवं विनिर्माण पर सहयोग हेतु समझौते ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए

    विमान ढॉंचे की आपूर्ति के लिए आईएआई ने एचएएल का चयन किया

  • एचएएल एवं स्‍नेक्‍मा के बीच संयुक्‍त उद्यम समझौता

    हल्‍के लड़ाकू हेलिकॉप्‍टर का अभिकल्‍प एवं विकास जुलाई 05 में प्रारम्‍भ किया गया

    रूस से लाइसेंस के अधीन बनाया गया पहला सू-30 एमकेआई विमान 21 मार्च 05 को भारतीय वायुसेना को सुपुर्द किया गया

    जीएसएलवी के लिए एल-40 एकीकृत स्‍ट्रैप ऑन बूस्‍टर के निर्माण के लिए सुविधाएँ स्‍थापित की गईं और प्रथम इकाई मार्च में सुपुर्द की गई

    15 दिसम्‍बर को जगुआर नव्‍वास उन्‍नयन के लिए देशीय रूप से प्रारम्भिक प्रचालन अनुमति प्रदान की गई

    1 दिसम्‍बर को एलसीए आदि प्ररूप विमान (पीवी-2) ने पहली उड़ान भरी

  • मलेशिया के प्रधानमंत्री का एचएएल में आगमन

    दिनांक 25 मार्च को मिग 27 एम उन्‍नतशील विमान की प्रथम उड़ान पूरी की गई

    दिनांक 26 मार्च को मध्‍यवर्ती जेट प्रशिक्षक (आईजेटी) विमान ने दूसरे आदिप्ररूप की सफलतापूर्वक उड़ान को पूरा किया

  • दिनांक 7 मार्च 2003 को देशीय रूप से अभिकल्पित एवं विकसित मध्‍यवर्ती जेट प्रशिक्षक (आईजेटी) विमान ने प्रथम उड़ान भरी। माननीय रक्षा मंत्री की उपस्थिति में दिनांक 21 मार्च को उदघाटन उड़ान की गई।

    मेसर्स टर्बोमेका (टीएम) के साथ शक्ति इंजन के सह-विकास एवं सह-उत्‍पादन तथा पुनर्कल्‍पन सहित टीएम – 333 – 2बी2 इंजनों की सीधी खरीद के लिए दिनांक 13 जनवरी को संविदा पर हस्‍ताक्षर किए गए (एएलएच में प्रयोगार्थ)

    दिनांक 04 मई 2003 को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा एलसीए विमान का नाम तेजस रखा गया

    एआरडीसी, बेंगलूर में कम्‍पोजिट्स के निर्माण के लिए उत्‍कृष्‍टता केन्‍द्र की स्‍थापना की गई और 14 अगस्‍त को इसका उदघाटन किया गया।

    29 सितम्‍बर को देशीय मिशन कम्‍प्‍यूटर के साथ उन्‍नत जगुआर नव्‍वास विमान का प्रथम उड़ान परीक्षण।

    31 अक्‍तूबर को डीजीसीए से एएलएच के सिविल वर्सन का प्रमाणन प्राप्‍त किया गया।

    25 नवम्‍बर को एलसीए (तेजस) के आदिप्ररूप विमान की पहली उड़ान पूरी की गई।

  • हमारे ग्राहकों (भारतीय वायुसेना एवं थलसेना) को देशीय रूप से विकसित प्रोन्‍नत हल्‍के हेलिकॉप्‍टर (ध्रुव) की पहली खेप सुपुर्द की गई। दिनांक 30 मार्च 2002 को माननीय रक्षा मंत्री द्वारा यह हेलिकॉप्‍टर राष्‍ट्र को सौंपा गया।

    दिनांक 06 जून 2002 को एडीए के साथ समझौते ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर के उपरांत 8 एलसीए विमानों की पहली खेप के निर्माण के लिए शृंखला उत्‍पादन का सूत्रपात

    जून 2002 से एचएएल को मिनी रत्‍ना (श्रेणी-I) के अधिकार एचएएल को प्रदान किए गए

    अगस्‍त में एयरपोर्ट सेवा केन्‍द्र में एचएएल-कॉनकोर-एमएसआईएल कार्गो काम्‍प्‍लेक्‍स का गठन किया गया है।

    विमान निर्माण प्रभाग और विमान पुनर्कल्‍पन प्रभाग के रूप में नासिक प्रभाग का विस्‍तार

    कोरापुट में सुखोई इंजन प्रभाग की स्‍थापना

  • हल्‍के लड़ाकू विमान (एलसीए) के प्रौद्योगिकी प्रदर्शक (टीडी-1) ने 04 जनवरी 2001 को प्रथम उड़ान भरी।

    मार्च में भारतीय थलसेना को लान्‍सर हेलिकॉप्‍टरों की पहली खेप की सुपुर्दगी।

    रूसी भागीदारों के साथ बहु-भूमिका वाले परिवहन विमान (एमटीए) के सह-विकास के लिए डीपीआर तैयार करने हेतु 6 जून 2001 को करार पर हस्‍ताक्षर किए गए।

    दिसम्‍बर में थलसेना को प्रथम एएलएच एलएसपी की सुपुर्दगी।

  • आईएमजीटी का शिलान्‍यास

    एचएएल विलगन इकाई आगरा को परिवहन वायुयान प्रभाग कानपुर के साथ सम्‍बद्ध किया गया।

    मई में बेंगलूर में हवाई अड्डा सेवा केन्‍द्र की स्‍थापना

    एचएएल नासिक में सुखोई 30 एमकेआई विमान के लाइसेंस उत्‍पादन के लिए भारत और यूएसएसआर के बीच अक्‍तूबर 2000 में करार पर हस्‍ताक्षर

    रूसी मूल के इंजनों में अभिकल्‍प सुधार के केन्‍द्र के रूप में कोरापुट प्रभाग में गैस टर्बाइन अनुसंधान एवं विकास केन्‍द्र स्‍थापित किया गया है।

    बोइंग 767 बल्‍क कार्गो के 300 दरवाजों के निर्माण के लिए मित्‍सुबिशी हेवी इंडस्‍ट्रीस, जापान के साथ संविदा पर हस्‍ताक्षर किए गए।

  • नामीबिया के साथ समझौते ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर

    प्रारम्‍भ से 6 माह की अवधि के भीतर कच्‍ची सामग्री के चरण से लेकर 3 लक्ष्‍य (पायलट रहित लक्ष्‍यभेदी विमान) का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा किया गया और इन्‍हें एडीई को सौंपा गया।

  • अप्रैल माह में बेंगलूर में औद्योगिक एवं सामुद्रिक गैस टर्बाइन प्रभाग का गठन किया गया। मरम्‍मत के बाद इंडस्ट्रियल एवॉन इंजन सुपुर्द किया गया।

    बोइंग 777 विमान के लिए 300 अपलॉक बॉक्‍स असेम्‍बली की आपूर्ति हेतु मेसर्स बोइंग यूएसए के साथ करार पर हस्‍ताक्षर किए गए

    वर्तमान आधारभूत ढांचे का उपयोग करने की दृष्टि से बेंगलूर हवाई अड्डे पर अंतर्राष्‍ट्रीय उड़ानों के लिए उड़ान रखरखाव सुविधाओं की स्‍थापना और प्रचालन हेतु एयर इंडिया के साथ संयुक्‍त कार्य करार किया गया है।

  • यूके के प्रधानमंत्री का एचएएल दौरा

    अभिकल्‍प समूह को आत्‍मनिर्भरता की दृष्टि से प्रकार्यात्‍मक रूप से पुनर्गठित और पुन: सक्रिय बनाया गया है। निम्‍नलिखित सात केन्‍द्रों को पुनर्गठित किया गया है।

    - विमान अनुसंधान एवं अभिकल्‍प केन्‍द्र
    - रोटरी विंग अनुसंधान एवं अभिकल्‍प केन्‍द्र
    - इंजन एवं परीक्षण बेड अनुसंधान एवं अभिकल्‍प केन्‍द्र
    - सामरिक इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स अनुसंधान एवं अभिकल्‍प केन्‍द्र
    - वांतरिक्ष प्रणाली एवं उपस्‍कर अनुसंधान एवं अभिकल्‍प केन्‍द्र
    - परिवहन वायुयान अनुसंधान एवं अभिकल्‍प केन्‍द्र
    - विमान उन्‍नयन अनुसंधान एवं अभिकल्‍प केन्‍द्र

  • एचएएल में तंज़ानिया के राष्‍ट्रपति का दौरा

    मिराज 2000 विमान के पुनर्कल्‍पन हेतु सुविधाओं की सफलतापूर्वक स्‍थापना के उपरांत अप्रैल 1996 में वायुसेनाध्‍यक्ष को प्रथम पुनर्कल्पित विमान सौंपा गया।

  • नवम्‍बर में एलसीए (टीडी-1) का रोल आऊट

  • इंडो-रशियन एविएशन लिमिटेड (आईआरएएल) संयुक्‍त उद्यम का गठन

    अक्‍तूबर में भारतीय वायुसेना को 100 वॉं एचपीटी-32 उत्‍पादन विमान की सुपुर्दगी.

    बोइंग 757 विमान के ओवरविंग एक्ज़िट डोर के 100 सेटों के निर्माण के लिए दिसम्‍बर में मेसर्स बोइंग कामर्शियल एयरप्‍लेन ग्रुप, यूएसए के साथ संविदा पर हस्‍ताक्षर किए गए।

    दिसम्‍बर में नामीबिया को 1 चेतक एवं 2 चीता हेलिकॉप्‍टरों का निर्यात किया गया।

  • एयर चीफ मार्शल को 3000 वें विमान की सुपुर्दगी

    बेंगलूर में बीएई-एचएएल साफ्‍टवेयर संयुक्‍त उद्यम का गठन

    फोकर-50 हारिजेन्‍टल स्‍टेबिलाइज़र के 100 सेटों के निर्माण के लिए फरवरी में मेसर्स फोकर बीवी, नीदरलैण्‍ड के साथ संविदा पर हस्‍ताक्षर किए गए।

  • भारत के उप राष्‍ट्रपति श्री के आर नारायणन द्वारा एएलएच का उदघाटन

    जून में मेसर्स एरोस्‍पेशियल को ए-320 फारवर्ड पैसेन्‍जर डोर के 1 सेट की सुपुर्दगी।

  • 19 अप्रैल 1991 को भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री चन्‍द्रशेखर द्वारा एरोस्‍पेस प्रभाग राष्‍ट्र को समर्पित  

  • दिनांक 10-01-1990 के अनुसार एचएएल का हवाई परिदृश्‍य

    मई में आरडी-33 इंजनों के पुनर्कल्‍पन के लिए अन्‍तर सरकारी करार पर हस्‍ताक्षर

    जून में मारीशस को डीओ-228 तटरक्षक विमान का निर्यात

  • राष्‍ट्रपति श्री आर वेंकटरामन द्वारा एचएएल के मुख्‍यालय भवन का अर्पण

    दिसम्‍बर में प्रथम द्रवीय प्रणोदन इंजन (पृथ्‍वी प्रक्षेपास्‍त्र में लगा हुआ) का सफलतापूर्वक परीक्षण

  • एरोस्‍पेस प्रभाग, बेंगलूर का उदघाटन

    जनवरी में वायुसेनाध्‍यक्ष को प्रथम जगुआर विमान सौंपा गया।

    कच्‍ची सामग्री से प्रथम गैरट इंजन का उत्‍पादन किया गया और फरवरी में इसका परीक्षण किया गया।

    नवम्‍बर में प्रथम अडोर मार्क 804 इंजन का पुनर्कल्‍पन किया गया।

  • मार्च में मोटर ग्‍लाइडर (एचएमजी 1) की पहली परीक्षण उड़ान

    12 टेल प्‍लेन सज्‍जीकरणों के निर्माण और आपूर्ति के लिए मेसर्स बीएई यूके से जून माह में प्रथम निर्यात आदेश की प्राप्ति

  • अप्रैल माह में प्रधानमंत्री द्वारा कोरवा प्रभाग का उदघाटन

    श्री सुखराम, रक्षा उत्‍पादन राज्‍यमंत्री द्वारा नागर विमानन राज्‍यमंत्री श्री जगदीश टाइटलर को प्रथम डार्नियर विमान का सौंपा जाना।

    कच्‍ची सामग्री से प्रथम अडोर इंजन का निर्माण पूरा किया गया और नवम्‍बर में परीक्षण किया गया।

  • एचटीटी-34 विमान की उदघाटन उड़ान

    जनवरी माह में एचएएल कानपुर में डार्नियर-228 विमान के लाइसेंस निर्माण के लिए अनुमति

    कानपुर में निर्मित एचपीटी-32 विमान की मार्च माह में प्रथम उड़ान

    मार्च माह में किरण मार्क –II विमान की पहली उड़ान

    प्रथम मिग-27एम विमान सीटीएस शृंखला को सितम्‍बर में पूरा किया गया।

  • फरवरी माह में प्रधानमंत्री द्वारा कोरवा में फैक्‍टरी का शिलान्‍यास

    अगस्‍त में अर्ध्रा ग्‍लाइडर की पहली उड़ान

    डार्नियर विमान के निर्माण के लिए तकनीकी जानकारी संबंधी करार पर नवम्‍बर में हस्‍ताक्षर

  • प्रथम जगुआर विमान का रोल आऊट। सितम्‍बर में प्रथम जगुआर विमान की सुपुर्दगी।

    आर29बी इंजनों के उत्‍पादन के लिए यूएसएसआर सरकार के साथ मार्च माह में करार पर हस्‍ताक्षर

    कोरवा में एचएएल के प्रस्‍ताव और फैक्‍टरी के स्‍थान के लिए सितम्‍बर में भारत सरकार का अनुमोदन

  • प्रिंस चार्ल्‍स, यूके का एचएएल दौरा

  • वर्ष 1977 के दौरान अजित विमान की असेम्‍बली लाइन

    चीता हेलिकॉप्‍टर के लिए कच्‍ची सामग्री के प्रथम चरण की सुपुर्दगी।

  • प्रथम बैच वाले रोल हेलिकॉप्‍टर की पहली उड़ान

    जनवरी माह में एचएएल कानपुर द्वारा निर्मित बसंत विमान की पहली उड़ान

    जनवरी माह में इसरो, त्रिवेंद्रम को प्रथम एसएलवी-3 असेम्‍बली की सुपुर्दगी

    मिग-21बिस विमान एवं आर-25-300 शृंखला के इंजनों एवं इसकी उड्डयानिकी के निर्माण के लिए अगस्‍त में यूएसएसआर के साथ करार पर हस्‍ताक्षर

    सितम्‍बर में अजित विमान की आरम्भिक उड़ान

  • श्री वी वी गिरि, भारत के राष्‍ट्रपति द्वारा हेलिकॉप्‍टर प्रभाग का औपचारिक उदघाटन

    मार्च में एसएलवी-3 परियोजना के लिए संविदा पर हस्‍ताक्षर

    एसएस-748 लीडिंग ऐज एवं टेल कोन्‍स के 20 सेट्स के लिए मई माह में महत्‍वपूर्ण निर्यात आदेश की प्राप्ति

    क्रमिक रूप में बेंगलूर काम्‍प्‍लेक्‍स का पुनर्गठन, जिसे वर्ष 1970 के मध्‍य में प्रारंभ किया गया और जून 1974 में पूरा किया गया।

  • प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा लखनऊ में नवम्‍बर माह में उपसाधन फैक्‍टरी की उदघाटन

    फरवरी में प्रथम मिग 21 एम विमान की सीटीएस शृंखला को पूरा किया गया।

    मार्च माह में प्रथम “फ्‍लाई अवे” चीता हेलिकॉप्‍टर की सुपुर्दगी।

  • प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा लखनऊ में जनवरी माह में उपसाधन फैक्‍टरी का शिलान्‍यास

  • रक्षा मंत्री बाबू जगजीवन राम द्वारा एचएएल का दौरा

    हेलिकॉप्‍टर प्रभाग, बेंगलूर का गठन

    उपसाधनों एवं उपकरणों के लिए लखनऊ प्रभाग का गठन

    एचएएल एवं मेसर्स एसएनआईएएस के बीच सितम्‍बर में चीता (एसए-315) लाइसेंस करार पर हस्‍ताक्षर

  • वर्ष 1969 के दौरान कतार में खड़े चीता एवं चेतक हेलिकॉप्‍टर

    अगस्‍त माह में चीता हेलिकॉप्‍टर के लिए प्रथम कच्‍ची सामग्री की सुपुर्दगी

    कच्‍ची सामग्री से निर्मित प्रथम आर्टूस्‍ट-III बी इंजन का परीक्षण स्‍वीकृति

  • फ्रांस के एसयूडी-एविएशन के अध्‍यक्ष का एचएएल दौरा

    मिग-21 एफएल विमान- फ्‍लाई अवे शृंखला की अप्रैल माह में प्रथम उड़ान

    मिग इंजनों के पुनर्कल्‍पन के लिए अगस्‍त में भारत एवं यूएसएसआर के बीच करार पर हस्‍ताक्षर

  • यूएसए के राजदूत मिस्‍टर चेस्‍टर बाउल्‍स का एचएएल दौरा

    दिसम्‍बर माह में प्रथम “फ्‍लाई अवे” चेतक हेलिकॉप्‍टर की सुपुर्दगी

  • कच्‍ची सामग्री से निर्मित प्रथम आर्फियस 703 इंजन का परीक्षण स्‍वीकृत

    एरोनॉटिक्‍स इंडिया लिमिटेड (नई दिल्‍ली में पंजीकृत) के साथ हिन्‍दुस्‍तान एयरक्राफ्‍ट लिमिटेड (बेंगलूर में पंजीकृत) का विलयन करके अक्‍तूबर 1964 में हिन्‍दुस्‍तान एरोनॉटिक्‍स लिमिटेड का गठन किया गया।

    मिग-21 विमान के ढांचे, इंजनों और उड्डयानिकी के उत्‍पादन के लिए क्रमश: नासिक, कोरापुट और हैदराबाद के प्रभागों के साथ एरोनॉटिक्‍स इंडिया लिमिटेड का गठन

    जून माह में एरोनॉटिक्‍स इंडिया लिमिटेड के साथ एएमडी कानपुर का विलय

  • मई माह में कानपुर द्वारा निर्मित ग्‍लाइडर की पहली उड़ान

  • प्रथम एचएस748 विमान का उड़ान प्रदर्शन

    जून माह में एचएएल और मेसर्स सड एविएशन (अब यूरोकॉप्‍टर) के बीच चेतक लाइसेंस करार पर हस्‍ताक्षर

    मिग-21-एफएल विमान तथा इसके इंजनों एवं उड्डयानिकी के निर्माण के लिए अगस्‍त में भारत एवं यूएसएसआर के बीच करार पर हस्‍ताक्षर

  • जून माह में बेंगलूर में निर्मित मारूत (एचएफ-24) की पहली उड़ान

    नवम्‍बर माह में कानपुर में निर्मित एचएस-748 विमान की पहली उड़ान

  • भारत के प्रथम प्रधानमंत्री श्री जवाहर लाल नेहरू द्वारा एएमडी, एचएएल का दौरा

    जनवरी माह में हवाई अड्डा प्रचालन का प्रारम्‍भ

    जनवरी माह में वायुसेना स्‍टेशन कानपुर में एयरक्राफ्‍ट मैन्‍यूफैक्‍चरिंग डिपो का उदघाटन

  • तिब्‍बत के दलाई लामा का एचएएल दौरा

    मेसर्स फालैण्‍ड लिमिटेड, यूके से लाइसेंस के अधीन नैट विमान का निर्माण

    बेंगलूर में इंजन प्रभाग की स्‍थापना  

  • वर्ष 1955 में वैम्‍पायर विमान असेम्‍बली लाइन

    विमान इंजनों के निर्माण के लिए फैक्‍टरी स्‍थापित करने की संभावना का निर्धारण करने हेतु मेसर्स ब्रिस्‍टल एरो इंजन लिमिटेड, यूके से तकनीशियन दल का भारत दौरा 

    एचएएल को इंजन निर्माण का कार्य सौंपा गया।

  • वर्ष 1953 के दौरान एचटी-2 विमान असेम्‍बली लाइन

    दिनांक 3 जनवरी को नागर विमानन के महानिदेशक द्वारा देशीय रूप से अभिकल्पित एवं विकसित विमान एचटी-2 के लिए भारत में फर्स्‍ट टाइप सर्टिफिकेट प्रदान किया गया।

    एशिया के प्रथम संगठन, सिविल एरोनॉटिक्‍स द्वारा अमेरिकी विमानों के लिए मान्‍यता स्‍वरूप एचएएल को सर्विस स्‍टेशन प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।

  • दाकोता विमान के पुनर्कल्‍पन एवं मरम्‍मत के लिए बैरकपुर बांच फैक्‍टरी स्‍थापित की गई। वर्ष 1952 में दाकोता विमान ओवरहॉल हैंगर

  • भारत के राष्‍ट्रपति, डॉ राजेन्‍द्र प्रसाद का एचएएल दौरा

    एचएएल को रक्षा मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में लाया गया।

    13 अगस्‍त को एचटी-2 विमान के प्रथम आदिप्ररूप ने परीक्षण उड़ान भरी

    फाउण्‍ड्री व फोर्ज प्रभाग की स्‍थापना की गई

  • वर्ष 1950 के दौरान पर्सीवल प्रेंटिस असेम्‍बली लाइन

    1 जनवरी से एचएएल को सोसाइटी ऑफ ब्रिटिश एयरक्राफ्‍ट कॉन्‍स्‍ट्रक्‍टर्स के सदस्‍य के रूप में शामिल किया गया।.

    मेसर्स डीहैविल एण्‍ड कम्‍पनी, यूके से लाइसेंस के अधीन वैम्‍पायर का निर्माण

  • प्रथम देशीय रूप से अभिकल्पित विमान एचटी-2 के मॉकअप के साथ डॉ वी एम घाटगे

    एचएएल ने एचटी-2, एचटी-10 प्रशिक्षक विमानों का अपना विकल्‍प प्रारम्‍भ किया।

    अप्रैल माह में भारत में निर्मित प्रथम पर्सीवल प्रेंटिस प्रशिक्षक विमान की परीक्षण उड़ान की गई।

  • वर्ष 1947 के दौरान एचएएल का हवाई परिदृश्‍य

    एचएएल को भारत में प्राधिकृत डॉगलस सर्विस सेन्‍टर के रूप में मान्‍यता दी गई।

    भारतीय वायुसेना द्वारा एचएएल को दाकोता विमान के पुनर्कल्‍पन का कार्य सौंपा गया।

    पर्सीवल प्रेंटिस प्रशिक्षक विमान के निर्माण के लिए आदेश प्राप्‍त किए गए।

  • वर्ष 1946 के दौरान विमान ढांचा असेम्‍बली लाइन

    एचएएल को 100 टाइगर मॉथ विमान के मरम्‍मत एवं पुनर्कल्‍पन हेतु वायुसेना से आदेश प्राप्‍त हुए।

  • वर्ष 1945 के दौरान वॉलरस विमान का पुनर्कल्‍पन

    अमेरिका द्वारा अधिग्रहण के उपरांत 1943 से इंजनों (3800) का पुनर्कल्‍पन करने के अलावा, सी-47 कार्गो प्‍लेन, बी25 हल्‍के बम वर्षक विमानों, बी24 भारी बम वर्षक विमानों, कैटालीना और अन्‍य विमानों (कुल संख्‍या 1171) जैसे विमानों का पुनर्कल्‍पन किया गया।

    युद्ध समाप्‍त होने के साथ अमेरिकी वायुसेना ने अगस्‍त माह में फैक्‍टरी प्रबंधन का कार्य भारत सरकार को वापस सौंप दिया।

  • वर्ष 1942 के दौरान एचएएल मेल गेट

    अप्रैल माह में सरकार द्वारा फैक्‍टरी का अधिग्रहण

    विमानों की मरम्‍मत और पुनर्कल्‍पन की पर्याप्‍त आवश्‍यकताओं को देखते हुए अमेरिकी वायुसेना ने द्वितीय विश्‍वयुद्ध के दौरान सरकार से एचएएल का प्रबंधन ले लिया।

  • वर्ष 1941 में हार्लो विमान की प्रथम उड़ान

    मार्च में भारत सरकार को आंशिक मालिकाना हक मिला।  कम्‍पनी द्वारा सज्‍जीकृत प्रथम विमान ने अगस्‍त माह में उड़ान भरी।

  • वर्ष 1940 के दौरान एचएएल फैक्‍टरी का स्‍थल

    लाइसेंस के अधीन अमेरिकी विमानों के निर्माण के लिए स्‍वर्गीय वालचंद हीराचंद द्वारा हिन्‍दुस्‍तान एयरक्राफ्‍ट फैक्‍टरी की स्‍थापना की गई।  लाइसेंस के अधीन विमानों, इंजनों और उपसाधनों के सज्‍जीकरण एवं मरम्‍मत के लिए विमानन उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्‍य से इसकी स्‍थापना की गई थी। दिनांक 24 दिसम्‍बर 1940 को स्‍वर्गीय वालचंद हीराचंद द्वारा इसका शिलान्‍यास किया गया।