नेतृत्व
श्री आर माधवन
अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी)
श्री आर माधवन
हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड
15/1 कब्बन रोड, पी बी नं.5150
बेंगलूर 560001


श्री आर माधवन एनआईटी, रायपुर से मेकानिकल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं तथा इन्होंने आईआईटी मद्रास से एम.टेक की स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है ।  
                                               
 श्री आर माधवन ने जुलाई 1982 में मैनेजमेंट ट्रेनी (तकनीकी) के रूप में हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) में कार्यभार ग्रहण किया तथा वे एचएएल से लगभग 36 वर्षों से भी अधिक समय से संबद्ध रहे हैं । इन्हें जुलाई 2017 में अधिशासी निदेशक, उपसाधन प्रभाग, लखनऊ के रूप में पदोन्नत किया गया । पदोन्नति से पूर्व, श्री माधवन ने एचएएल के विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न महत्त्वपूर्ण पदों पर सेवा की थी ।  
 
इनके नेतृत्व में, उपसाधन प्रभाग, लखनऊ (एडीएल) ने पिछले 4 वर्षों के दौरान सभी वित्तीय एवं वास्तविक मानदंडों के वार्षिक लक्ष्यों को सतत रूप से पूरा करने के अतिरिक्त 3 वित्तीय वर्षों की अवधि के अंदर अनगिनत चुनौतियों को पूरा किया तथा यह प्रभाग अपने समग्र कार्यकलापों में दुगुनी वृद्धि के साथ अधिक सशक्त रूप में उभरा । इनके कार्यकाल के दौरान, उपसाधन प्रभाग, लखनऊ (एडीएल) को जनवरी 2016 के दौरान प्रतिस्पर्धात्मक रूप में कंपनी स्तर पर बेस्ट परफार्मेंस डिवीजन (कस्टमर सर्विसेज) अवार्ड भी प्रदान किया गया ।
           
श्री माधवन ने अपने व्यापक एवं विविध क्षेत्रों में प्राप्त अनुभवों से, जटिल तकनीकी समस्याओं एवं स्ट्रैटेजिक मामलों के संबंध में भी समाधान दिया था । इन्होंने हेलिकॉप्टर की अधिक ऊँचाई के प्रचालन हेतु ट्राई-सर्विस कमिटी के सदस्य के रूप में महत्त्वपूर्ण सुझाव दिए तथा इंजन प्रभाग, बेंगलूर में रहने के दौरान, इन्होंने यूएसए के लिए इंजन सेट्स के निर्यात का सफल लॉन्च भी देखा था, जिससे अंतर्राष्ट्रीय मानकों को पूरा करने के लिए प्रभाग की प्रक्रिया में महत्त्वपूर्ण सुधार हुआ । इनके नेतृत्व में मुख्यालय की गुणवत्ता टीम को बेर्लिन में कंपनी के लिए प्रतिष्ठित प्लैटिनम टेक्नोलॉजी अवार्ड प्राप्त हुआ । इनके नेतृत्व में एचएएल उपसाधन प्रभाग, लखनऊ में कच्चे सामग्री के फेज से सु-30 एयरफ्रेम एवं इंजन उपसाधनों के उत्पादन में प्रौद्योगिकी को सफलतापूर्वक अपनाया गया । इन्होंने एरोस्पेस विनिर्माण हेतु एमएसएमई क्षेत्र के वेंडरों को विकसित करने के माध्यम से भारत सरकार के "मेक इन इंडिया" स्ट्रैटजी के लिए भी व्यापक रूप से अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया था तथा इन्होंने अप्रचलित प्रबंधन हेतु स्वदेशीकरण प्रयासों के माध्यम से आत्म-निर्भरता एवं स्वावलंबन में वृद्धि तथा उत्पाद सुधार एवं लागत में कमी लाने की दृष्टि से वैकल्पिक प्रौद्योगिकी के लिए भी कार्य योजना तैयार की थी ।  
 
श्री माधवन ने कई ई-पहलों को भी प्रारंभ किया था, जिनके कार्यान्वयन से बहु-आयामी परिवर्तन, पारदर्शिता तथा प्रक्रिया में सुधार देखा गया है ।  
                       
जिज्ञासु पाठक एवं प्रोफेशनल सोसाइटी में सक्रिय रहते हुए, श्री माधवन  एरोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (एईएसआई) के सदस्य हैं ।