नेतृत्व
श्री बीएच. वी. शेषागिरि राव
मुख्य कार्यपालक अधिकारी (मिग कांप्लेक्स)
Shri Bh. V. Seshagiri Rao
  श्री बीएच.वी. शेषागिरि राव वर्तमान में मुख्य कार्यपालक अधिकारी, मिग कॉम्प्लेक्स के पद पर कार्यरत    हैं । वर्ष 1961 में जन्में, वे आंध्रा विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्यूनिकेशंस इंजीनियरिंग में स्नातक हैं तथा इन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय, तेलंगाना से बिजनेस एड्मिनिस्ट्रेशन (मार्केटिंग) में मास्टर डिग्री प्राप्त की है । इन्होंने एचएएल में दिनांक 01.06.1983 को एवियॉनिक्स प्रभाग, हैदराबाद में कार्यभार ग्रहण किया ।  

एचएएल में इनके 35 वर्षों के कार्यकाल के दौरान, इनके पास विभिन्न विभागों जैसे गुणवत्ता नियंत्रण, एसेंब्ली एवं परीक्षण तथा विमान एवं उनके उपसाधनों के कार्यक्रम प्रबंधन आदि का अनुभव है । आत्म निर्भरता हेतु विमान एवं इंजनों के स्पेयर पार्ट्स का स्वदेशीकरण इनके अनुभव का मुख्य केंद्र रहा है । वे सुखोई-30 एमकेआई विमान एवं इसके रोटबल्स की मरम्मत एवं ओवरहॉल की क्षमता में वृद्धि हेतु पूर्ण रूप से संबद्ध हैं ।  सु-30 एमकेआई विमान के विनिर्माण व ओवरहॉल से संबद्ध रूसी मूल प्रोजेक्टों की हैंडलिंग में इनकी विशेषज्ञता रही है तथा इन्होंने इस प्रोजेक्ट के प्रारंभ में कच्चे सामग्री से लेकर इसके विनिर्माण चरण (चरण IV) तक कार्य किया है ।

निवासी प्रबंधक, संपर्क कार्यालय, एचएएल (मास्को), रशियन फेडरेशन के रूप में विभिन्न प्रमुख प्रोजेक्टों नामतः सु-30 एमकेआई, एफजीएफए, एमटीए एवं एएल-55आई आदि के उनके सक्रिय चरण के दौरान, इन्होंने समन्वय सबंधी कार्य किया है । इन्होंने रूसी मूल विमानों, इंजनों एवं प्रणालियों हेतु स्पेयर प्रापण में निहित समय-सीमा को प्रबल रूप से घटाने के लिए मूल्य सूची हेतु संविदा तैयार की है ।


इन्होंने महाप्रबंधक, एओडी के रूप में कार्य किया है तथा सु-30 एमकेआई एवं मिग-21 वेरियंट्स के ओवरहॉल कार्य संभाला है । इन्होंने विमान के ओवरहॉल एवं सेवाओं के संबंध में विकसित बाह्यस्रोत के माध्यम से सार्वजनिक निजी भागीदारियों के प्रोत्साहित किया है । इनके कुशल नेतृत्व के अधीन, एओडी प्रभाग ने अंतर-प्रभाग पुरस्कार 2016-17 के अंतर्गत “कस्टमर सर्विस परफार्मेंस अवार्ड” प्राप्त किया । वे ग्राहक सहयोग के संबंध में अपनी अति सक्रिय दृष्टिकोण रखनेवाले व्यक्ति के रूप में जाने जाते रहे हैं । इसके अतिरिक्त, कॉनकर के साथ हॉलकन भागीदारी कंपनी, जो इस क्षेत्र में प्रमुख कार्गों हब के रूप में उभरी है, का मार्गदर्शन इनके द्वारा किया जा रहा था ।     

वे ओझर एयरपोर्ट को प्रचालनीय कार्य करने के लिए भी उत्तरदायी रहें, जिसे तीव्र गति से विकसित किया जा रहा है एवं इसका उपयोग निर्यात हेतु कॉर्गो लोड के लिए भी किया जा रहा है तथा यह आरसीएस-उड़ान योजना के अधीन चयनित एयरपोर्ट के रूप में राष्ट्र की सेवा कर रहा है ।