नेतृत्व
श्री राजीव कुमार
मुख्य कार्यपालक अधिकारी (उपसाधन कांप्लेक्स)
श्री राजीव कुमार
श्री राजीव कुमार, 37 वर्षों से भी विस्तृत प्रबंधन एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखने वाले कुशल व्यावसायी होने के साथ-साथ मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक, एमबीए तथा नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी के भी छात्र रहे हैं । श्री राजीव कुमार ने अपना कैरियर मैनेजमेंट ट्रैनी (तकनीकी) के रूप में हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड में प्रारंभ किया तथा अप्रैल 2015 में मुख्य कार्यपालक अधिकारी (उपसाधन कॉम्प्लेक्स) के रूप में पदभार ग्रहण किया ।

आईआईटी मद्रास एवं एचएएल प्रबंध अकादमी में 72 सप्ताह के अकादमिक प्रशिक्षण को पूरा करने के पश्चात, श्री राजीव कुमार ने एचएएल के 3 प्रभागों के विभिन्न महत्त्वपूर्ण कार्यों को संभाला, जोकि स्पष्ट रूप से विभिन्न उत्पाद श्रृंखला से संबंधित है । इनके पास कंपोनेंट मशीनिंग, एयरक्राफ्ट उपसाधनों के संयोजन व परीक्षण एवं प्रशिक्षक विमान के विनिर्माण व ओवरहॉल, एचपीटी 32, किरण एमके-I/Iए/II, मिग-21, मिग-27, जगुआर, मिराज, सी-हैरियर, एएन 32, एवरो, डॉर्नियर व एनसीए (एनएएल में विकासाधीन), हेलिकॉप्टर एवं यूएवी आदि जैसे पश्चिमी एवं रूसी प्लैटफार्मों दोनों के परिवहन व लड़ाकू विमानों संबंधी विविध क्षेत्रों का व्यापक अनुभव है ।

एचएएल के उपसाधन कॉम्प्लेक्स के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में, उपसाधन प्रभाग-लखनऊ, एवियॉनिक्स प्रभाग- कोरवा (उ.प्र.), एवियॉनिक्स प्रभाग– हैदराबाद, स्ट्रैटेजिक इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्टरी – कासरगोड़ (केरल), परिवहन वायुयान प्रभाग – कानपुर एवं एचएएल विलगन इकाई, आगरा का प्रशासनिक नियंत्रण एवं संपूर्ण दायित्व श्री राजीव कुमार के पास है । वर्तमान में लखनऊ, कोरवा, हैदराबाद एवं कासरगोड़ में स्थित प्रभाग फिक्स्ड विंग व रोटरी विंग विमानों के साथ एरो इंजनों के भी उपसाधनों के विनिर्माण एवं मरम्मत /ओवरहॉल के कार्यों से संबद्ध है, टीएडी कानपुर एवं एचएएल विलगन इकाई, आगरा परिवहन विमान के विनिर्माण एवं ओवरहॉल के कार्यों से संबद्ध है । भारत सरकार द्वारा गठित राष्ट्रीय नागरिक विमान विकास कार्यक्रम (एनसीएडी) हेतु उच्चाधिकार समिति के सहयोजित सदस्य के रूप में, वे राष्ट्रीय नागरिक विमान (एनसीए) से संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट रिपोर्ट की तैयारी से संबद्ध हैं । इन्होंने वायुसेना के लिए बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट के चयन के लिए वायुसेना मुख्यालय द्वारा गठित तकनीकी मूल्यांकन समिति (टीईसी) के सदस्य के रूप में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया तथा आर-29 इंजनों व मिराज उन्नयन कार्यक्रमों में भी निकटतम रूप से संबद्ध रहे ।

व्यापक रूप से पर्यटन एवं यूरोप व रूस के अंतर्राष्ट्रीय विमानन उद्योग में व्यापक कौशल के साथ, श्री राजीव कुमार के पास महत्त्वपूर्ण मामलों व विभेदकों को पहचानने की क्षमता है । इनमें उत्कृष्ट वार्ता कौशल के साथ कुशल नेतृत्व क्षमता भी है । वे अकादमी में अधिक रुचि रखते हैं तथा इन्होंने भारत (आईआईएमएस) व अंतर्राष्ट्रीय (इकोले पॉलीटेक्निक फेडराले डे लॉसन्ने, जेनेवा ; यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट गॉलेन, ज्यूरिख ; ईएससीपी यूरोप कैम्पस, बर्लिन ; तथा शिकागो बूथ, एक्जिक्यूटिव एजूकेशन सेंटर, यूएसए) स्तर पर प्रसिद्ध संस्थानों के प्रबंधन कार्यक्रमों में भाग लिया है ।
 
प्रोफेशनल सोसाइटी में सक्रिय होने के नाते, श्री राजीव कुमार एसोचैम (एएसएसओसीएचएएम) की प्रबंधन समिति, लखनऊ प्रबंधन संघ (एलएमए) एवं एरोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (एईएसआई) के सदस्य के रूप में भी कार्यरत हैं । वे एक उत्साही वक्ता हैं, जो सम्मेलनों में श्रोताओं को रोमांचित करने के साथ-साथ उत्पादन प्रदर्शन एवं प्रदर्श के माध्यम से प्रौद्योगिकी क्षेत्र में जीवंत अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं । “एयरबस”– फ्रांस द्वारा आयोजित एयर ट्रांसपोर्ट सेमिनार में इन्होंने अपने प्रस्तुतीकरण एवं अवधारणा कौशल के बल पर अनोखी क्षमता प्रदर्शित कर 2 पुरस्कार प्राप्त किए । प्रेरक वक्ता होने के नाते, श्री राजीव कुमार उद्योग एवं अकादमी के साथ चर्चा करने में अधिक रुचि रखते हैं । इन्होंने सीआईआई एवं पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के औद्योगिक प्रतिभागियों को ऑफसेट के संबंध में देश में उपलब्ध बृहत विनिर्माण अवसरों का लाभ उठाने हेतु मार्गदर्शन प्रदान करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया है । आईआईटी कानपुर, बॉम्बे, खड़गपुर एवं रुड़की में अपने भाषण के दौरान, इन्होंने विमानन क्षेत्र में नए अनुसंधान व विकास हेतु अकादमी को उद्योग के साथ सक्रिय रूप से संबद्ध रखने हेतु प्रेरित किया है ।