रोटरी विंग
  • हमारे बारे में
रोटरी विंग अनुसंधान व विकास केंद्र की स्थापना 1970 में हेलिकॉप्टर अभिकल्प ब्यूरो के रूप में की गई। बाद में 1981 में इसे आरडबल्युआर व डीसी नाम दिया गया। इसकी स्थापना अनुसंधान, नवाचार और हेलिकॉप्टर के अभिकल्प के निर्माण के उद्देश्य से की गई थी।     
 
 रोटरी विंग एयरक्राफ्ट के अभिकल्प व विकास में पिछले तीन दशकों से योग्य डिजाइनरों, उत्कृष्ट अभिकल्प, प्रोटोटाइप विकास, ग्राउंड टेस्टिंग और फ्लाइट टेस्टिंग के द्वारा विशेषज्ञता हासिल की गई है। यह अभिकल्प केंद्र सिविल और सैन्य हेलिकॉप्टरों के अभिकल्प, विकास, आदिप्रारूप विनिर्माण, ग्राउंड व फ्लाइट टेस्टिंग एवं प्रमाणन का कार्य करता है। इस केंद्र का उद्देश्य देश की एवं वैश्विक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए रोटरी विंग एयरक्राफ्ट से संबंधित अनुसंधान, नवाचार एवं अभिकल्प तैयार करना है। रोटरी विंग अनु. व विकास केंद्र ए एस 9100 सी तथा आई एस ओ 14001:2004 प्रमाणित संगठन है।
 
 इस केंद्र द्वारा सैन्य ग्राहकों के लिए  प्रौन्नत हल्का हेलिकॉप्टर (ध्रुव तथा रुद्र), हल्का लड़ाकू हेलिकॉप्टर (एलसीएच)  तथा हल्का उपयोगिता हेलिकॉप्टर(एलयूएच) स्वदेशी हेलिकॉप्टरों का अभिकल्पन व विकास किया गया है। एएलएच ध्रुव को सिविल प्रयोग के लिए  भी प्रमाणन प्राप्त है।