सुखोई इंजन प्रभाग कोरापुट
AL31FP इंजन और उसके समेकन, स्पेयर की आपूर्ति के नए AL31FP इंजन और ओवरहाल का विनिर्माण। 

अनावृत्‍त घटक की अविध्‍वंसी जांच और विस्‍तृत और सूक्ष्‍म जांच के अधीन होते हैं ।  पुराने पुर्जों एवं सह-संयोजन की मरम्‍मत और नवीकरण का कार्य कुशल श्रमिकों द्वारा किया जाता है । विनिर्माण, मरम्‍मत तथा नवीकरण के अंतर्गत मशीनिंग, वेल्डिंग, हार्ड मिश्र धातु कोटिंग्स, विब्रो-टम्बलिंग, माइक्रो-शॉट पेनन, अल्ट्रासोनिक स्‍ट्रेन हार्डनिंग, निकल मिश्र धातु पाउडर कोटिंग और बड़ी संख्या में सुरक्षात्मक कोटिंग्स शामिल हैं।असेंबली और उप-असेंबली विभिन्न हाइड्रोलिक, ईंधन और विद्युत रिग पर कठोर कार्यात्मक परीक्षण से गुजरती हैं

गुणवत्‍ता नियंत्रण जांच का कार्य पारंपरिक तकनीकी के अलावा अविध्‍वंसी पद्धति जैसे एक्‍सरे, मेगना फ्लक्‍स, डाई-पेनेट्रेंट जांच और अल्‍ट्रासोनिक निरीक्षण से होता है । उपस्‍करों की ओवरहालिंग का कार्य पर्यावरणीय नियंत्रित कक्षों में होता है ।  सभी ओवरहॉल किये गये उपस्‍कर की परीक्षण रिंग में कड़ी जांच की जाती है । 

प्रत्‍येक विनिर्मित और ओवरहॉल किये गये इंजनों की समस्‍त उड़ान परिस्थितियों को ध्‍यान में रखते हुए इंजन परीक्षण शय्या पर कड़ाई से जांच की जाती है । 

प्राथमिक व अंतिम स्‍वीकृति जांच, हॉट टेस्‍ट, एंडुरेंस और गैस डाइनामिक स्‍टैबलिटि टेस्‍ट कंप्‍यूटर नियंत्रित होते हैं । 
इलेक्ट्रॉनिकी की सहायता से थ्रॉटल, डिजिटल और एनालॉग रीड-आउट परीक्षण इंजन परीक्षण के दौरान रीयल-टाइम डेटा और इंजन के विभिन्‍न मापदंड को प्राप्‍त करने में सहायता करते हैं। 
मरम्मत, प्रमुख सेवा, स्पेयर की आपूर्ति 

1 9 70 के दशक के आरंभ से, प्रभाग भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों को उड़ान-योग्य बनाने के लिए उनके एयरो इंजनों का ओवरहाल करता आ रहा है। 

प्रभाग 'फ्लो लाइन ग्रुप टेक्नोलॉजी' का अनुसरण करता है, जिसमें अलग-अलग कार्य केंद्रों में इंजन के हिस्‍सों को अलग अलग करके  देखा और लोड किया जाता है। 

नियमित पीसी के माध्‍यम से अनुसरण करके उपसंयोजन की पूर्णता सुनिश्चित की जाती है ।