कारपोरेट शासन
कारपोरेट शासन
शासन का दर्शन और संहिता

नैगम शासन के विषय में कम्‍पनी का दर्शन पारदर्शिता, नियमों, प्रक्रियाओं के अनुपालन और नैतिक मानदण्‍डों को पूरा करने के सिद्धांतों पर आ‍धारित है जिससे कि समस्‍त पणधारियों (स्‍टेकहोल्‍डर्स) के हितों का ध्‍यान रखा जा सके और सतत् विकास बनाए रखा जा सके।  कम्‍पनी का विश्‍वास है कि हमारे समस्‍त क्रिया-कलाप पणधारियों के मूल्‍यवर्धन के उद्देश्‍यों की ओर उन्‍मुख होने चाहिए।

वांतरिक्ष उद्योग में महत्‍त्‍वपूर्ण वैश्विक भागीदार बनना कम्‍पनी का विज़न है और कम्‍पनी अपनी क्षमताओं के विस्‍तार और वैश्विक प्रतिस्‍पर्धा में सहभागिता के द्वारा इस उद्देश्‍य की ओर काम कर रही है।  विकास की रणनीति के रूप में कम्‍पनी ने नैगम शासन के क्षेत्र में उत्‍कृष्‍ट पद्धतियों को अपनाया है जो नियामक ढॉंचे से परे है। 
निम्‍नलिखित उत्‍तम शासन पद्धतियों को स्‍थापित किया गया है:
 

 

  • विकेन्‍द्रीकरण और पारदर्शी निर्णय को सुकर बनाने के लिए सुस्‍थापित प्रशासनिक व्‍यवस्‍था
  • यथा लागू विधियों, नियमों एवं विनियमों का अनुपालन
  • प्रचालनों, निष्‍पादन और वित्‍तीय स्थिति के प्रकटीकरण में यथातथ्‍यता एवं पार‍दर्शिता
  • कर्मचारियों के लिए आचरण, अनुशासन एवं अपील नियम
  • विधियों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए स्‍वैच्छिक सचिवीय लेखा परीक्षा
निदेशक मण्‍डल
निदेशक मण्‍डल को अपेक्षित शक्तियों एवं प्राधिकारों के साथ प्रबंधन, सामान्‍य कार्य और कम्‍पनी के लिए निदेश का दायित्‍व सौंपा गया है।  मण्‍डल अल्‍पकालिक एवं दीर्घकालिक दोनों लक्ष्‍यों को निर्धारित करता है, नीतियों और कार्यक्रमों को परिभाषित करता है तथा इसके कार्यान्‍वयन का सर्वेक्षण करता है।  निर्णय प्रक्रिया को सरल और दक्ष बनाने के विचार से मण्‍डल द्वारा आठ उप-समितियों का गठन किया गया है।
संघटन
आपकी कम्‍पनी सरकारी उपक्रम होने के नाते, समस्‍त निदेशकों की नियुक्ति / नामांकन रक्षा मंत्रालय के माध्‍यम से भारत के राष्‍ट्रपति द्वारा किया जाता है।  निदेशक मण्‍डल के अध्‍यक्ष अधिशासी अध्‍यक्ष होते हैं और निदेशक मण्‍डल में अधिशासी, गैर-अधिशासी और स्‍वतंत्र निदेशकों का समुचित मिश्रण होता है।

मण्‍डल का संघटन सार्वजनिक उद्यम विभाग, भारत सरकार द्वारा नैगम शासन पर जारी मार्ग-निर्देशों के अनुसार किया जाता है।  निदेशक मण्‍डल में 17 निदेशक होते हैं अर्थात अध्‍यक्ष सहित 09 पूर्णकालिक निदेशक, 02 अंश-कालिक सरकारी निदेशक तथा 06 अंश-कालिक गैर-सरकारी / स्‍वतंत्र निदेशक होते हैं।