नेतृत्व
नेतृत्व
  • पूर्णकालिक निदेशक
  • अंशकालिक सरकारी निदेशक
  • स्वतंत्र निदेशक
  • कंपनी सचिव
  • मुख्य कार्यपालक अधिकारी
श्री आर माधवन
अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी)


श्री आर माधवन एनआईटी, रायपुर से मेकानिकल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं तथा इन्होंने आईआईटी मद्रास से एम.टेक की स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है ।  
                                               
 श्री आर माधवन ने जुलाई 1982 में मैनेजमेंट ट्रेनी (तकनीकी) के रूप में हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) में कार्यभार ग्रहण किया तथा वे एचएएल से लगभग 36 वर्षों से भी अधिक समय से संबद्ध रहे हैं । इन्हें जुलाई 2017 में अधिशासी निदेशक, उपसाधन प्रभाग, लखनऊ के रूप में पदोन्नत किया गया । पदोन्नति से पूर्व, श्री माधवन ने एचएएल के विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न महत्त्वपूर्ण पदों पर सेवा की थी ।  
 
इनके नेतृत्व में, उपसाधन प्रभाग, लखनऊ (एडीएल) ने पिछले 4 वर्षों के दौरान सभी वित्तीय एवं वास्तविक मानदंडों के वार्षिक लक्ष्यों को सतत रूप से पूरा करने के अतिरिक्त 3 वित्तीय वर्षों की अवधि के अंदर अनगिनत चुनौतियों को पूरा किया तथा यह प्रभाग अपने समग्र कार्यकलापों में दुगुनी वृद्धि के साथ अधिक सशक्त रूप में उभरा । इनके कार्यकाल के दौरान, उपसाधन प्रभाग, लखनऊ (एडीएल) को जनवरी 2016 के दौरान प्रतिस्पर्धात्मक रूप में कंपनी स्तर पर बेस्ट परफार्मेंस डिवीजन (कस्टमर सर्विसेज) अवार्ड भी प्रदान किया गया ।
           
श्री माधवन ने अपने व्यापक एवं विविध क्षेत्रों में प्राप्त अनुभवों से, जटिल तकनीकी समस्याओं एवं स्ट्रैटेजिक मामलों के संबंध में भी समाधान दिया था । इन्होंने हेलिकॉप्टर की अधिक ऊँचाई के प्रचालन हेतु ट्राई-सर्विस कमिटी के सदस्य के रूप में महत्त्वपूर्ण सुझाव दिए तथा इंजन प्रभाग, बेंगलूर में रहने के दौरान, इन्होंने यूएसए के लिए इंजन सेट्स के निर्यात का सफल लॉन्च भी देखा था, जिससे अंतर्राष्ट्रीय मानकों को पूरा करने के लिए प्रभाग की प्रक्रिया में महत्त्वपूर्ण सुधार हुआ । इनके नेतृत्व में मुख्यालय की गुणवत्ता टीम को बेर्लिन में कंपनी के लिए प्रतिष्ठित प्लैटिनम टेक्नोलॉजी अवार्ड प्राप्त हुआ । इनके नेतृत्व में एचएएल उपसाधन प्रभाग, लखनऊ में कच्चे सामग्री के फेज से सु-30 एयरफ्रेम एवं इंजन उपसाधनों के उत्पादन में प्रौद्योगिकी को सफलतापूर्वक अपनाया गया । इन्होंने एरोस्पेस विनिर्माण हेतु एमएसएमई क्षेत्र के वेंडरों को विकसित करने के माध्यम से भारत सरकार के "मेक इन इंडिया" स्ट्रैटजी के लिए भी व्यापक रूप से अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया था तथा इन्होंने अप्रचलित प्रबंधन हेतु स्वदेशीकरण प्रयासों के माध्यम से आत्म-निर्भरता एवं स्वावलंबन में वृद्धि तथा उत्पाद सुधार एवं लागत में कमी लाने की दृष्टि से वैकल्पिक प्रौद्योगिकी के लिए भी कार्य योजना तैयार की थी ।  
 
श्री माधवन ने कई ई-पहलों को भी प्रारंभ किया था, जिनके कार्यान्वयन से बहु-आयामी परिवर्तन, पारदर्शिता तथा प्रक्रिया में सुधार देखा गया है ।  
                       
जिज्ञासु पाठक एवं प्रोफेशनल सोसाइटी में सक्रिय रहते हुए, श्री माधवन  एरोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (एईएसआई) के सदस्य हैं ।




 
श्री वी एम चमोला
निदेशक (मानव संसाधन)


श्री वी एम चमोला ने गढ़वाल विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर, ए पी एस विश्वविद्यालय से एल एल बी एवं 'इग्नो' से एम बी ए (एच आर एम) की उपाधि प्राप्त की है । 
वर्ष 1996 में एच ए एल के इंजन प्रभाग, बेंगलूर कांप्लेक्स में उप महाप्रबंधक (कार्मिक व प्रशासन) के रूप में कार्यभार ग्रहण से पूर्व श्री चमोला ने एन टी पी सी एवं एन जे पी सी में विभिन्न पदों पर काम किया ।  अपर महाप्रबंधक (कार्मिक व प्रशासन) के रूप में उनकी पदोन्नति हुई और तत्पश्चात उन्होंने मुख्यालय में कार्यभार ग्रहण किया ।
उन्होंने बी ई एम एल में भी मुख्य महाप्रबंधक के रूप में काम किया है । मानव संसाधन विकास (एच आर डी) के क्षेत्र में उनका पर्याप्त अनुभव है और स्वस्थ कार्य-वातावरण निर्मित करने के लिए मानव संसाधन की पद्धतियों को सुदृढ़ करने में उन्होंने उल्लेखनीय योगदान दिया ।  दिनांक 27 जुलाई 2011 को श्री चमोला ने निदेशक (मानव संसाधन) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया । 
उन्हें पब्लिक रिलेशन काउंसिल ऑफ इंडिया (पीआरसीसी) द्वारा फरवरी 2012 को मुम्बई में आयोजित वार्षिक समारोह में दिनांक 12 फरवरी 2012 को मानव संसाधन में बिजनेस एक्सलंस के लिए "चाणक्य पुरस्कार" से सम्मानित किया गया। उन्होंने दिनांक 1 अगस्त 2013 से 31 मार्च 2015 तक हैदराबाद एवं कोरवा प्रभाग के प्रबंध निदेशक (उपसाधन कांप्लेक्स) का अतिरिक्त पदभार भी संभाला ।
 
श्री सी बी अनंत कृष्णन
निदेशक (वित्त) एवं मुख्य वित्त अधिकारी
श्री सीबी अनंतकृष्णन का जन्म 29 अगस्त 1964 को हुआ तथा उन्हें 1 अगस्त, 2018 से हमारी कंपनी के निदेशक (वित्त) के रूप में नियुक्त किया गया । निदेशक (वित्त) के रूप में अपनी नियुक्ति से पहले, वे हमारे अधिशासी निदेशक (वित्त) के पद पर थे । इन्होंने इस कंपनी में 31 मार्च 2004 को मुख्य प्रबंधक (वित्त) के रूप में कार्यभार ग्रहण कर सेवा प्रारंभ की तथा विभिन्न पदों पर कार्य किया । इन्होंने  चेन्नई के लोयोला कॉलेज से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की, मद्रास विश्वविद्यालय से वित्त में एमबीए और वे कॉस्ट एवं मैनेजमेंट लेखाकार रहे । सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में उनके पास व्यापारिक बैंकिंग, फार्मास्यूटिकल्स, उर्वरक, एयरोस्पेस उद्योग में स्टंट के साथ 30 से अधिक वर्षों का कार्य अनुभव है और हमारी कंपनी में विभिन्न पदों पर कार्य करते रहे हैं। वे एचएएल के तीन संयुक्त उद्यम बोर्ड में एचएएल के नामिती निदेशक भी हैं।
    
इन्होंने मार्च 2018 के दौरान एचएएल के प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव (आईपीओ) में सक्रिय भूमिका निभाई। मूल्य निर्धारण में व्यापक अनुभव होने के कारण, इन्होंने सशस्त्र बलों को 159 हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति सहित एचएएल के प्रमुख हेलीकॉप्टर अनुबंधों पर हस्ताक्षर करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी ।
 
Shri M.S. Velpari
निदेशक (प्रचालन)




 
श्री अरूप चटर्जी
निदेशक (अभियांत्रिकी एवं अनु.व विकास)

श्री अरुप चटर्जी को 1 जून, 2018 से निदेशक (इंजीनियरिंग और अनुसंधान एवं विकास) पद पर पदोन्नत किया गया है
उन्होंने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड में वर्ष 1982 में 17 वें बैच प्रबंधन प्रशिक्षु के रूप में कार्यभार ग्रहण किया । उनकी शैक्षणिक योग्यताएं - जादवपुर विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक, आईआईटी, चेन्नई से विमान उत्पादन इंजीनियरिंग में एम.टेक और इग्नू से एमबीए।
 
अनुभव:
उन्हें एचएएल कोरवा डिवीजन में तैनात किया गया, जहां उन्होंने 28 साल तक मशीन शॉप, मेथड विभाग, आईएमएम विभाग, परियोजनाओं, रूसी और पश्चिमी मूल विमान प्लैटफार्म के लिए आवश्यक एवियॉनिक्स उपकरण की योजना के प्रमुख के रूप में कार्य किया।
फिर उन्हें एचएएल कानपुर डिवीजन में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उन्होंने एयर फ्रेम विनिर्माण के क्षेत्र में 4 साल तक सेवा की और आईजेटी परियोजना के प्रमुख की क्षमता और डोर्नियर, एवरो और यूएवी परियोजनाओं के लिए योजना और आईएमएम के प्रमुख के रूप में कार्य किया । इन कार्यों से इन्हें व्यापक एवं गौरवपूर्ण अनुभव प्राप्त हुए ।
इन्होंने स्थानांतरण के फलस्वरूप दिनांक 1.7.2014 को एचएएल कोरापुट डिवीजन में कार्यभार संभाला । विभिन्न परियोजनाओं के उत्पादन में योगदान देने में उनके विभिन्न ज्ञान और गतिशीलता के लिए उनकी सराहना की गई है, जिसमें आर 25, आर 2 9 बी और आर 33 इंजनों की मरम्मत और ओवरहाल मिग श्रृंखला लड़ाकू एयरक्राफ्ट के साथ-साथ विनिर्माण और मरम्मत / एलएल 31एफपी का ओवरहाल सु -30 विमान के लिए इंजन आदि कार्य शामिल है । उन्हें एक ट्रबल शूटर के रूप में भी जाना जाता था और उनके तकनीकी कौशल के लिए सराहना की जाती थी।
उपर्युक्त के अलावा, वे एक खिलाड़ी होने के साथ साथ संगीत प्रेमी भी है।
 
व्यक्तिगत विवरण:
जन्म तिथि: 9 जून, 1962
राष्ट्रीयता: भारतीय
वर्तमान पता: एसओक्यू -8, एचएएल वरिष्ठ अधिकारी 'एन्क्लेव ओल्ड मद्रास रोड, सी.वी. रमन नगर पोस्ट, बैंगलोर - 56093
वैवाहिक स्थिति: विवाहित
पत्नी का नाम: सबरी चटर्जी
चंद्रकर भारती
संयुक्त सचिव (एरोस्पेस)
श्री चंद्राकर भारती अभियांत्रिकी कॉलेज, दिल्ली से अभियांत्रिकी स्नातक है तथा सितंबर 1996 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया । इन्होंने लंडन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पोलिटिकल साइंस, यूके से सार्वजनिक प्रबंधक एवं नीति में एम. एससी की डिग्री भी प्राप्त की है ।
 
इनके पास सिविल सेवाओं में 20 से भी अधिक वर्षों का अनुभव है तथा विभिन्न महत्त्वपूर्ण कार्यभार संभाले हैं, जिनमें अपर अधीक्षक, बिक्री कर विभाग, एनसीटी सरकार, दिल्ली ; निदेशक, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ; पुदुच्चेरी संघ राज्य क्षेत्र के विभिन्न सरकारी विभागों में विकास अधीक्षक जैसे कृषि, वित्त एवं योजना, उद्योग एवं वाणिज्य, सूचना प्रौद्योगिकी आदि शामिल हैं । इन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा पर्यावरण एवं वन विभाग, एनसीटी सरकार, दिल्ली में भी अल्पावधि के लिए अपनी सेवाएँ प्रदान किया था । 
 
डॉ टेस्सी थॉमस
एफएनएई, प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एवं महानिदेशक, एरोनॉटिक्ल सिस्टम्स
डॉ टेस्सी थॉमस इनस्टिट्यूट ऑफ आर्नमेंट्स से गाइडेड मिसाइल की विषय के साथ मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर हैं तथा इन्होंने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से प्रचालन प्रबंधन में एमबीए भी किया है । इन्हें जवाहरलाल नेहरू टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, हैदराबाद द्वारा मिसाइल गाइडेंस में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) से सम्मानित किया गया है ।
डॉ टेस्सी थॉमस वर्तमान में बैंगलोर के एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूशन में एयरोनॉटिकल सिस्टम्स के महानिदेशक के रूप में कार्यरत हैं तथा डीआरडीओ में 30 वर्षों से भी अधिक सेवा की है। इन्होंने बहु-आयामी भूमिकाएं और जिम्मेदारियां निभायी थीं और गाइडेंस, नियंत्रण, जड़त्व नेविगेशन, ट्राजेक्टरी सिमुलेशन और मिशन डिजाइन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में योगदान दिया था । डॉ टेस्सी थॉमस ने डीआरडीओ में विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यभार संभाले थे, जिसमें अग्नि-4 प्रोजेक्ट हेतु परियोजना निदेशक, लांग रेज अग्नि-5 प्रणाली हेतु परियोजना निदेशक (मिशन), निदेशक, उन्नत प्रणाली प्रयोगशाला, डीआरडीओ शामिल थे।

डॉ टेस्सी थॉमस इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च, तिरुवनंतपुरम और इंडियन सोसाइटी फॉर एडवांसमेंट ऑफ मैटेरियल्स एंड प्रोसेस इंजीनियरिंग, हैदराबाद चाप्टर के गवर्नर बोर्ड के अध्यक्ष हैं। डॉ टेस्सी थॉमस विज्ञान, प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग से संबंधित विभिन्न अन्य व्यावसायिक संस्थानों और सोसाइटी में भी सदस्य हैं।

डॉ टेस्सी थॉमस को विभिन्न प्रतिष्ठित पुरस्कारों / सम्मानों से सम्मानित किया गया है, जिसमें भारत के माननीय राष्ट्रपति से भारत की पहली मिसाइल महिला के लिए 21/01/2018 को "फर्स्ट लेडीज़" अवॉर्ड शामिल है, जो असाधारण महिला के रूप में अपने क्षेत्र की सीमाओं से बढ़कर अपने आपको विकसित किया है ।
 
सुश्री दीपाली खन्ना
स्वतंत्र निदेशक
बी -2 / 2079
वसंत कुंज
नई दिल्ली - 110 070


श्री दीपाली खन्ना हमारी कंपनी के गैर-सरकारी (स्वतंत्र) निदेशक हैं । इन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से आर्ट्स में इतिहास विषय के साथ एम.ए की डिग्री प्राप्त की । इन्होंने नैशनल डिफेंस कॉलेज से राष्ट्रीय सुरक्षा विषय के साथ एम.एससी भी प्राप्त की । इन्होंने इन्स्टिट्यूट ऑफ कॉस्ट एंड वर्क्स एकाउंटेंट्स, नई दिल्ली से कॉस्ट एंड मैनेजमेंट एकाउंटेंसी सर्टिफिकेट कोर्स भी पूरा किया । विभिन्न सरकारी विभागों के साथ इनके पास 39 वर्षों से भी अधिक का कार्य अनुभव है । वे पूर्व भारतीय रेलवे लेखा सेवा अधिकारी भी हैं । वे 8 जनवरी, 2016 से हमारे बोर्ड में कार्यरत है ।

 
डॉ जतिंदर कुमार बजाज
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डॉ जतिंदर कुमार बजाज हमारी कंपनी के अंशकालिक गैर- सरकारी स्वतंत्र निदेशक हैं । इन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से दर्शन के क्षेत्र में डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त की । इन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से भौतिकी में मास्टर डिग्री भी प्राप्त की । इनके पास 34 वर्षों का कार्य अनुभव है । वे 11 सितंबर, 2017 से हमारे बोर्ड में कार्यरत हैं ।  हमारी कंपनी में कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व,  इन्होंने विभिन्न शोध केंद्रों और वैज्ञानिक अनुसंधान और नीति बनाने के क्षेत्र में कार्य किया है । वे सेंटर फॉर पॉलिसी स्टडीज के फाउंडिंग ट्रस्टी हैं और वर्तमान में इसके निदेशक के रूप में कार्यरत हैं ।
 
श्री सिद्धार्थ, आईएएस (सेवानिवृत्त)
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श्री सिद्धार्थ ने सेइंट स्टीफन कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री प्राप्त की तथा राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से इतिहास में विषय के साथ स्नातकोत्तर डिग्री भी की प्राप्त की । पश्चिम बंगाल कैडर के 1983 बैच के आईएएस अधिकारी श्री सिद्धार्थ के पास 32 वर्षों से भी अधिक का अनुभव है  तथा नवंबर 2015 में पश्चिम बंगाल सरकार के अपर मुख्य सचिव के रूप में सेवानिवृत्त हुए हैं ।


श्री सिद्धार्थ ने अपने उत्कृष्ट करियर के दौरान, 3 दशकों तक श्रेष्ठ सेवा की है तथा भारत सरकार और राज्य सरकार में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है । उनके पास मूल्यवान वैश्विक पहलू के साथ वाणिज्य और उद्योग के क्षेत्र में समृद्ध अनुभव है । श्री सिद्धार्थ ने अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में भी कार्य किया है, जिसमें इन्होंने वर्ष 2010-11 के दौरान संयुक्त राष्ट्र के तहत 106 सदस्य देशों के साथ एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन – बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ऑफ कॉमन फंड फॉर कॉमोडिटीज, एम्स्टर्डम के अध्यक्ष थे । क्षेत्र विशेषज्ञता के साथ त्रुटिरहित सेवाकाल के कारण, पश्चिम बंगाल सरकार ने उन्हें नवंबर 2015 में सेवानिवृत्ति के दिन प्रिंसिपल एडवाइजर इंडस्ट्री के रूप में नियुक्त किया तथा उसके उपरांत उन्हें बंगाल औद्योगिक विकास एवं प्रमोशन बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया था, जिसमें इन्होंने वर्ष 2016 से 2017 तक सेवा की ।
 
श्री अनिल कुमार
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श्री अनिल कुमार आईआईटी, दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में एम.टेक स्नातक हैं । इन्होंने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम में 38 वर्षों से भी अधिक समय के लिए सेवा की है।
 
बीईएल में अपने सेवाकाल के दौरान,  इन्होंने विकास और अभियांत्रिकी (आर एंड डी), उत्पादन, सामग्री प्रबंधन के क्षेत्रों में प्रमुख पदों पर कार्य किया था । उनके पास उत्पाद अभिकल्प, परियोजना प्रबंधन, सामान्य प्रबंधन और प्रौद्योगिकी प्रबंधन क्षेत्रों में विस्तृत अनुभव है । श्री अनिल कुमार दिसंबर 2013 में बीईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में सेवानिवृत्त हुए । अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के पद पर उनकी उन्नति से पूर्व, श्री अनिल कुमार ने निदेशक (अन्य इकाइयाँ), बीईएल के रूप में कार्य किया था,  जिसमें इन्होंने देश भर में स्थित कुल 9 में से 8 के प्रमुख थे । श्री अनिल कुमार ने अक्टूबर 2014 से सितंबर 2015 के दौरान एचएएल के अध्यक्ष के सलाहकार के रूप में भी कार्य किया था ।

 
श्री नीलकंठ अय्यर
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श्री नीलकंठ अय्यर व्यावसायिक रूप से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं तथा इनके पास 36 वर्षों से भी अधिक का अनुभव है । इन्होंने यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ त्रिवेंड्रम से प्राणीविज्ञान स्नातक की उपाधि प्राप्त की है तथा भारत के चार्टर्ड एकाउंटेंट्स संस्थान, दिल्ली से वित्त में चार्टर्ड एकाउंटेंसी भी की है । विशेषज्ञता के उन्हें निधि प्रबंधन, बजट, लागत नियंत्रण एवं कमी, फंड जुटाने, नकद प्रवाह प्रबंधन और ईआरपी कार्यान्वयन आदि क्षेत्रों में विशेष अनुभव है ।
 
श्री नीलाकांत अय्यर ने 36 वर्षों के अपने सेवाकाल के दौरान, मुख्य कार्यकारी अधिकारी सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया था, जिसमें इन्होंने दुनिया भर में लेखांकन और बुक रखरखाव के कार्यों में  ग्रीनफील्ड बीपीओ कंपनी की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी । उन्होंने वित्तीय प्रचालन, पुनर्रचना एवं विविधीकरण हेतु नैगम योजनाओं की तैयारी, वित्तीय प्रबंधन, कर निर्धारण आदि को कारगर बनाने के उद्देश्य के साथ वित्तीय नियंत्रक, राजस्व नियंत्रक, वित्तीय सलाहकार और परामर्शदाता चार्टर्ड एकाउंटेंट के रूप में भी कार्य किया था ।
 
श्री नीलकंठ अय्यर वर्तमान में एक सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं, जो छोटे, मध्यम और बड़े व्यापार और भारत सरकार के लिए परामर्श प्रदान कर रहे हैं । भारत सरकार के साथ उनके उल्लेखनीय कार्यों में डाक विभाग में वाणिज्यिक लेखांकन हेतु परियोजना,  बृहत मुंबई नगर निगम के वित्तीय प्रबंधन तथा गैर-सरकारी संगठनों के पंजीकरण एवं प्रबंधन शामिल है ।
 
रियर एडमिरल के सी शेखर एवीएसएम, वीएसएम (सेवानिवृत्त)
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रियर एडमिरल के.सी. शेखर जुलाई 1972 में भारतीय नौसेना में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र थे । इन्होंने 36 वर्षों तक भारतीय नौसेना में सेवा की है ।

भारतीय नौसेना में 36 वर्षों से भी अधिक समय के अपने लंबे सेवाकाल के दौरान, रियर एडमिरल के.सी. शेखर ने विभिन्न प्रमुख पदों पर कार्य किया था, जैसे निदेशक, डीएमडीई, हैदराबाद ; असमार, इथियोपिया में राजनयिक असाइनमेंट; नौसेना परियोजनाओं के उप महानिदेशक; एडमिरल अधीक्षक, नौसेना डॉकयार्ड, मुंबई; और नौसेना मुख्यालय में सामग्री के सहायक प्रमुख आदि । उन्हें विशाखापट्टणम में आईएनएस एकशिला की स्थापना की कमांडिंग का उत्कृष्ट उपाधि से सम्मानित किया गया था, जो भारतीय नौसेना की अग्रणी गैस टरबाइन ओवरहालिंग प्रतिष्ठान है ।
 रियर एडमिरल शेखर ने भारतीय नौसेना से समय से पूर्व सेवानिवृत्त हुए तथा 02 जुलाई 2008 से 31 अक्टूबर 2011 तक रीन्स ऑफ गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में कार्यभार संभाला । इनके पास जनवरी 2011 से अगस्त 2011 तक हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड, विशाखापट्टणम के सी एंड एमडी के अतिरिक्त प्रभारी भी थी । जीआरएसई से अधिवर्षिता प्राप्त होने के उपरांत, रियर एडमिरल शेखर ने मुख्य प्रचालन अधिकारी या पूर्व में पिपवाव रक्षा एवं ऑफशोर इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड राजौला, गुजरात के रूप में 2015 तक कार्य किया ।  इन्होंने एक वर्ष की अवधि के लिए 2013 के दौरान भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के स्वतंत्र निदेशक के रूप में भी कार्य किया था । वर्तमान में, रीयर एडमिरल शेखर मधुमेह एमवी अस्पताल, रॉयपुरम, चेन्नई के लिए स्वतंत्र निदेशक के रूप में कार्य कर रहे हैं।

रियर एडमिरल के.सी. शेखर को भारतीय नौसेना में इनके उत्कृष्ट योगदान के लिए दो मेधावी पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है नामतः अति विशिष्ट सेवल मेडल (एवीएसएम) एवं विशिष्ट सेवा मेडल (वीएसएम) ।
 
डॉ एस मल्ला रेड्डी
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डॉ मल्ला रेड्डी ने आर्ट्स एवं एलएलबी में मास्टर डिग्री की है । इन्हें उस्मानिया विश्वविद्यालय द्वारा राजनीति विज्ञान में डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) से भी सम्मानित किया गया है।

डॉ मल्ला रेड्डी ने विभिन्न महत्त्वूपूर्ण कार्यभार संभाला था, जैसे वर्ष 1981-85 तक निदेशक, को-ऑपरेटिव कृषि विकास बैंक,  मेडचल; 1988 से 95 तक सरपंच, ग्रामा पंचायत, बौरामपेट ; तथा 2000-2002 तक निदेशक, गोलकोंडा ग्रामीण बैंक ।

1980 में अपने राजनीतिक कैरियर को प्रारंभ करते हुए,  डॉ एस मल्ला रेड्डी ने भारतीय जनता पार्टी की विभिन्न पदों पर सेवा की थी तथा वर्तमान में वे भारतीय जनता पार्टी, तेलंगाना के राज्य अध्यक्ष हैं ।
 
श्री जी वी शेषा रेड्डी
कंपनी सचिव
हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड
15/1 कब्बन रोड, पी बी नं.5150
बेंगलूर 560001


श्री जी.वी. शेषा रेड्डी हमारी कंपनी के कंपनी सचिव तथा अनुपालन अधिकारी हैं । वे भारत के कंपनी सचिव (आईसीएसआई) संस्थान के सदस्य हैं । इन्होंने वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय से बी.कॉम की डिग्री प्राप्त की तथा बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री एवं उस्मानिया विश्वविद्यालय से बी.एल की डिग्री भी प्राप्त की । इन्होंने हमारी कंपनी में दिनांक 18 जून, 2015 को कार्यभार ग्रहण किए थे । एचएएल में कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व, रेड्डी के पास अन्य संगठनों में लगभग 25 वर्षों का अनुभव था ।
 
Shri Bh. V. Seshagiri Rao
मुख्य कार्यपालक अधिकारी (मिग कांप्लेक्स)
  श्री बीएच.वी. शेषागिरि राव वर्तमान में मुख्य कार्यपालक अधिकारी, मिग कॉम्प्लेक्स के पद पर कार्यरत    हैं । वर्ष 1961 में जन्में, वे आंध्रा विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्यूनिकेशंस इंजीनियरिंग में स्नातक हैं तथा इन्होंने उस्मानिया विश्वविद्यालय, तेलंगाना से बिजनेस एड्मिनिस्ट्रेशन (मार्केटिंग) में मास्टर डिग्री प्राप्त की है । इन्होंने एचएएल में दिनांक 01.06.1983 को एवियॉनिक्स प्रभाग, हैदराबाद में कार्यभार ग्रहण किया ।  

एचएएल में इनके 35 वर्षों के कार्यकाल के दौरान, इनके पास विभिन्न विभागों जैसे गुणवत्ता नियंत्रण, एसेंब्ली एवं परीक्षण तथा विमान एवं उनके उपसाधनों के कार्यक्रम प्रबंधन आदि का अनुभव है । आत्म निर्भरता हेतु विमान एवं इंजनों के स्पेयर पार्ट्स का स्वदेशीकरण इनके अनुभव का मुख्य केंद्र रहा है । वे सुखोई-30 एमकेआई विमान एवं इसके रोटबल्स की मरम्मत एवं ओवरहॉल की क्षमता में वृद्धि हेतु पूर्ण रूप से संबद्ध हैं ।  सु-30 एमकेआई विमान के विनिर्माण व ओवरहॉल से संबद्ध रूसी मूल प्रोजेक्टों की हैंडलिंग में इनकी विशेषज्ञता रही है तथा इन्होंने इस प्रोजेक्ट के प्रारंभ में कच्चे सामग्री से लेकर इसके विनिर्माण चरण (चरण IV) तक कार्य किया है ।

निवासी प्रबंधक, संपर्क कार्यालय, एचएएल (मास्को), रशियन फेडरेशन के रूप में विभिन्न प्रमुख प्रोजेक्टों नामतः सु-30 एमकेआई, एफजीएफए, एमटीए एवं एएल-55आई आदि के उनके सक्रिय चरण के दौरान, इन्होंने समन्वय सबंधी कार्य किया है । इन्होंने रूसी मूल विमानों, इंजनों एवं प्रणालियों हेतु स्पेयर प्रापण में निहित समय-सीमा को प्रबल रूप से घटाने के लिए मूल्य सूची हेतु संविदा तैयार की है ।


इन्होंने महाप्रबंधक, एओडी के रूप में कार्य किया है तथा सु-30 एमकेआई एवं मिग-21 वेरियंट्स के ओवरहॉल कार्य संभाला है । इन्होंने विमान के ओवरहॉल एवं सेवाओं के संबंध में विकसित बाह्यस्रोत के माध्यम से सार्वजनिक निजी भागीदारियों के प्रोत्साहित किया है । इनके कुशल नेतृत्व के अधीन, एओडी प्रभाग ने अंतर-प्रभाग पुरस्कार 2016-17 के अंतर्गत “कस्टमर सर्विस परफार्मेंस अवार्ड” प्राप्त किया । वे ग्राहक सहयोग के संबंध में अपनी अति सक्रिय दृष्टिकोण रखनेवाले व्यक्ति के रूप में जाने जाते रहे हैं । इसके अतिरिक्त, कॉनकर के साथ हॉलकन भागीदारी कंपनी, जो इस क्षेत्र में प्रमुख कार्गों हब के रूप में उभरी है, का मार्गदर्शन इनके द्वारा किया जा रहा था ।     

वे ओझर एयरपोर्ट को प्रचालनीय कार्य करने के लिए भी उत्तरदायी रहें, जिसे तीव्र गति से विकसित किया जा रहा है एवं इसका उपयोग निर्यात हेतु कॉर्गो लोड के लिए भी किया जा रहा है तथा यह आरसीएस-उड़ान योजना के अधीन चयनित एयरपोर्ट के रूप में राष्ट्र की सेवा कर रहा है ।
श्री जी वी एस भास्कर
मुख्य कार्यपालक अधिकारी (हेलिकॉप्टर कांप्लेक्स)
श्री गरीमेला वेंकट सत्य भास्कर (जी वी एस भास्कर) का जन्म 18 सितंबर, 1960 को आंध्रप्रदेश राज्य में विजयनगरम में हुआ था । इन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बैंगलोर से मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग और रीजनल इंजीनियरिंग कॉलेज, वारंगल से बी टेक प्राप्त किए । इन्होंने अगस्त 1984 में एचएएल में कार्यभार ग्रहण किए और एयरोनॉटिकल इंजीनियर के रूप में पूर्ववर्ती हेलीकॉप्टर डिजाइन ब्यूरो (एचडीबी) में अपना करियर शुरू किए जो अब रोटरी विंग रिसर्च एंड डिज़ाइन सेंटर (आरडब्ल्यूआरडीसी) के रूप में जाना जाता है।

तकनीकी और प्रबंधन कार्यपालक के रूप में, इनके पास एरोनॉटिकल फील्ड के विभिन्न स्पेक्ट्रम में 33 वर्ष का अनुभव है। इनके पास प्रबंधन कौशल के अलावा कार्यपरक और तकनीकी नेतृत्व कौशन है। इन्होंने 2011 में एजीएम एएलएच फ्लाइट हैंगर के रूप में हेलीकॉप्टर डिवीजन में कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व, अपर महामहाप्रबंधक पद पर आरडब्ल्यूआरडीसी में डिजाइन, विकास और प्रोटोटाइप निर्माण के क्षेत्रों में कार्य किया । इसके उपरांत, इन्होंने हेलीकॉप्टर विनिर्माण प्रभाग से सितंबर 2015 में महाप्रबंधक के रूप में  हेलिकॉप्टर एमआरओ प्रभाग प्रमुख रूप में स्थानांतरित हुए । इन्होंने 01 अक्टूबर, 2017 से मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के रूप में हेलीकॉप्टर कॉम्प्लेक्स का कार्यभार संभाला ।

श्री भास्कर के पास रोटरी विंग विमान से जुड़ी सभी कार्य क्षेत्र का अनुभव है जैसे डिजाइन और विकास, प्रोटोटाइप निर्माण, शॉप फ्लोर प्रबंधन, परियोजना प्रबंधन, विनिर्माण इंजीनियरिंग, उत्पादन योजना और नियंत्रण, सुविधा प्रबंधन और रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल।

बैंगलोर के रोटरी विंग रिसर्च एंड डिज़ाइन सेंटर में अपने कार्यकाल के दौरान, वे मैकेनिकल सिस्टम के प्रोटोटाइप विकास / निर्माण असेंबली एवं परीक्षण के लिए जिम्मेदार / शामिल थे ।
   
हेलीकॉप्टर एमआरओ डिवीजन के महाप्रबंधक होने के नाते, वे भारत और विदेशों में एएलएच बेड़ों के रखरखाव मरम्मत और ओवरहाल के लिए जिम्मेदार थे। अपने कार्यकाल के दौरान, इन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा प्रचालित एएलएच बेड़े की सेवायोग्यता में निरंतर वृद्धि में अपना योगदान दिया । हेलीकॉप्टरों के डिजाइन, विकास, निर्माण और उत्पादन में इनके व्यापक ज्ञान से ग्राहकों की आवश्यकताओं को समझने में तथा ग्राहकों की संतुष्टि के लिए त्वरित समाधान के लिए सहायता मिली है।
श्री शेखर श्रीवास्तव
मुख्य कार्यपालक अधिकारी (बेंगलूर कांप्लेक्स)
श्री शेखर श्रीवास्तव वर्तमान में बैंगलोर कांप्लेक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं । 01 अप्रैल 2015 से एचएएल बोर्ड के पुनर्गठन के बाद, बैंगलोर कॉम्प्लेक्स के प्रबंध निदेशक पद को मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में पुनर्नामित किया गया है।

बैंगलोर कॉम्प्लेक्स में 10 डिवीजन शामिल हैं, जो भारतीय रक्षा बलों, अंतरिक्ष कार्यक्रमों और निर्यात ग्राहकों की आवश्यकता को पूरा करने के लिए विमान और इंजन के उत्पादन, मरम्मत और ओवरहाल, एयरोस्पेस संरचनाओं, कास्टिंग और फोर्जिंग का उत्पादन आदि कार्यों में शामिल है । वर्तमान में बैंगलोर कॉम्प्लेक्स में महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के अंतर्गत हॉक एमके 132, एलसीए तेजस उत्पादन, मिराज और जगुआर ड्र्रेन-III अपग्रेड प्रोग्राम आदि प्रगति पर हैं।

श्री शेखर श्रीवास्तव भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, भागलपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं और एयरक्राफ्ट प्रोडक्शन इंजीनियरिंग में आईआईटी चेन्नई से मास्टर डिग्री प्राप्त किए । इन्होंने 1983 में प्रबंधन प्रशिक्षु (तकनीकी) के रूप में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड में कार्यभार ग्रहण किए ।

एचएएल में 34 वर्षों के अपने करियर के दौरान, उन्होंने लखनऊ डिवीजन, एक्सेसरीज़ कॉम्प्लेक्स, कॉरपोरेट ऑफिस, बैंगलोर कॉम्प्लेक्स के एयरक्राफ्ट डिवीजन और एयरोस्पेस डिवीजन में कार्य किया है। इनके पास एचएएल के विभिन्न विभागों जैसे योजना और परियोजनाओं, ग्राहक सेवा, विपणन, गुणवत्ता नियंत्रण, विनिर्माण, बाह्यस्रोत, असेंबली शॉप, असेंबली और विनिर्माण निरीक्षण में का्र्य करने का अनुभव है।

श्री श्रीवास्तव ने परियोजना प्रबंधक के रूप में हॉक एमके 132 एजेटी परियोजना और एमएमआरसीए कार्यक्रम का नेतृत्व किया, जिसमें अन्होंने परियोजना प्रबंधन अवधारणाओं को सफलतापूर्वक कार्यान्वित किया।

अपने वर्तमान पोस्टिंग से पहले, इन्होंने एयरोस्पेस डिवीजन, बैंगलोर कॉम्प्लेक्स के प्रमुख के रूप में कार्य किए ।  अपने कार्यकाल के दौरान एयरोस्पेस डिवीजन ने निष्पादन में महत्वपूर्ण सुधार प्राप्त किया।

इनके पास भारतीय वायु सेना, भारतीय नौसेना, रक्षा मंत्रालय और कई विदेशी ग्राहकों जैसे विभिन्न हितधारकों एवं ग्राहकों के साथ पारस्परिक चर्चा से जुड़े जटिल परियोजनाओं को संभालने का व्यापक अनुभव है। इनके पास कारोबार इकाई के लगभग सभी विभागों में कार्य करने का अनुभव है।
 श्री सजल प्रकाश
मुख्य कार्यपालक अधिकारी (उपसाधन कांप्लेक्स)