एचएएल द्वारा 86 वर्ष पूर्ण किए जाने पर ; एरोस्पेस और रक्षा के क्षेत्र में वैश्विक आकांक्षाओं के प्रति पुनः दृढ़-प्रतिज्ञता ।
बेंगलूरु, 23 दिसंबर, 2025: एचएएल ने बेंगलूरु स्थित न्यू एचएमए कैंपस में अपने 86वें स्थापना दिवस के अवसर पर नवाचार और उत्कृष्टता के 86 वर्ष पूरे किए जाने को समारोह के रूप में मनाया । इस अवसर पर मैसूर के शाही घराने के संरक्षक एवं सांसद महाराजा यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार, और डॉ. डी. के. सुनील, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एचएएल के नेतृत्व में बोर्ड के सदस्य, मुख्य कार्यपालक अधिकारी, अधिशासी निदेशक, पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक और कंपनी के कर्मचारीगण भी उपस्थित थे । इस कार्यक्रम में एरोस्पेस और रक्षा के क्षेत्र में एक प्रमुख कंपनी बनने की अपनी वैश्विक आकांक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए एचएएल की विरासत और भारतीय वैमानिकी और रक्षा उद्योग को आकार देने में उसकी अग्रणी भूमिका को दिखाया गया ।
महाराजा यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार ने न्यू एचएमए कैंपस में महाराजा जयचामराजेंद्र वाडियार की प्रतिमा का अनावरण किया । इस सम्मान के लिए एचएएल को धन्यवाद देते हुए, उन्होंने मैसूर राज्य की समृद्ध विरासत और तत्कालीन महाराजा के योगदान के बारे में बताया, जिन्होंने 21 साल की कम उम्र में भारत में एचएएल की स्थापना की नींव रखी थी । एचएएल की हुई प्रगति के लिए बधाई देते हुए उन्होंने कहा, “एचएएल ने एरोस्पेस और रक्षा के क्षेत्र में नई बुलंदियों पर अपनी साख को बनाए रखा है । हम आगे बढ़ रहे हैं, और एचएएल हमारा मार्ग प्रशस्त कर रहा है ।”
इस अवसर पर अपने संबोधन में, डॉ. डी. के. सुनील, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, एचएएल ने आईटी और एआई के क्षेत्र में एचएएल की परिवर्तन यात्रा, प्रचालन उत्कृष्टता, क्षमता विस्तार और अंतरिक्ष को लेकर एक अनुसंधान एवं विकास केंद्र की स्थापना किए जाने पर अपना ध्यान केंद्रित किया । उन्होंने कहा, “संस्थान न केवल प्रौद्योगिकी से, बल्कि नेतृत्व से भी आकार लेते हैं, जो क्षमताओं का निर्माण करते हैं । उन्होंने सभी से प्रचालन उत्कृष्टता बढ़ाने और स्वदेशीकरण को गंभीरता के साथ सभी क्षेत्रों में किए जानेवाले सतत निष्पादन पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया ।”
इस कार्यक्रम के दौरान, अमर चित्र कथा के तर्ज पर एचएएल पुस्तक के कवर और एचएएल माईस्टैम्प का भी अनावरण किया गया ।





