सतर्कता के बारे में

केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा संस्तुत मॉडल के आधार पर केन्द्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) (www.cvc.nic.in) के गठन के अनुसरण में एचएएल में वर्ष 1969 में सतर्कता विभाग की स्थापना की गई।  

वर्ष 1998 के दौरान, सतर्कता तंत्र को सुरक्षा विभाग से अलग कर दिया गया और इस विभाग को अधिक प्रभावी, विश्वसनीय एवं तत्पर बनाने के उद्देश्य से सार्वजनिक उद्यम विभाग की सिफारिशों के आधार पर  स्थापित किया गया है ।

एचएएल के सतर्कता विभाग में अधिकारी एवं कर्मचारी पर्याप्त संख्या में हैं। उक्त सतर्कता अधिकारी एवं कर्मचारी देश भर में एचएएल के सभी विभागों में कार्यरत हैं, जो बेंगलूरु स्थित एचएएल मुख्यालय में पदस्थ मुख्य सतर्कता अधिकारी को रिपोर्ट करते हैं।

सतर्कता विभाग, सरकार और कंपनी के नियमों और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुपालन और व्यक्तियों को दिए गए  विवेकाधिकार का न्यायसंगत तरीके से उपयोग को किसी भी परिस्थिति में सुनिश्चित किए जाने के संबंध में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है, ताकि सभी सरकारी कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे। सतर्कता विभाग कंपनी के भ्रष्टाचार विरोधी कार्य में अग्रणी भूमिका निभाता है ।

सतर्कता विभाग मुख्य रूप से निवारक एवं दंडात्मक भूमिका निभाता है। इसकी अन्य भूमिका में जासूसी/ निगरानी भी शामिल है। निवारक सतर्कता इसका एक सक्रिय दृष्टिकोण है, जो भ्रष्टाचार विरोधी उपायों, नियमों एवं प्रक्रियाओं को सरल बनाने, व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करने के बारे में जागरूकता लाने पर केंद्रित है। वहीं दूसरी ओर, दंडात्मक सतर्कता भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई किए जाने से संबंधित है।

इस विभाग के प्रमुख कार्यों में शिकायतों की जांच, अकस्मात निरीक्षण जैसी निवारक सतर्कता, खरीद एवं संविदाओं संबंधी फाइलों की नियमित जांच और सीटीई टाइप-निरीक्षण आदि जैसे मामले शामिल हैं।

एचएएल का सतर्कता विभाग ई-भुगतान, ई-टेंडरिंग, वार्षिक संपत्ति रिटर्न इत्यादि के कार्यान्वयन के साथ-साथ कंपनी के कार्यकलापों के लगभग हर क्षेत्र में नीति संबंधी महत्त्वपूर्ण परिवर्तनों के माध्यम से दूरदर्शितापूर्ण भूमिका निभाता है। इन पहलों से हुए परिवर्तनों से न केवल व्यवस्था में सरलता आई, बल्कि कंपनी को बचत के रूप में भरपूर लाभांश भी प्राप्त हुआ। यह विभाग प्रणालियों/प्रक्रियाओं संबंधी बाधाओं/ विलंब को कम करने के उद्देश्य से सतत रूप से प्रौद्योगिकी का  इष्टतम उपयोग करते हुए सतर्कता प्रशासन में सुधार लाने का निरंतर प्रयास कर रहा है और जिसके माध्यम से संगठन के कारोबार को संभालने में अधिक पारदर्शिता एवं तत्परता लाई जा सकेगी। सतर्कता विभाग अपने विभिन्न निवारक सतर्कता कार्यकलापों के माध्यम भ्रष्टाचार की गुंजाइश को कम करने हेतु अपने सभी प्रयास कर रहा है । 

 

एचएएल के पूर्णकालिक मुख्य सतर्कता अधिकारियों की सूची 
 
 

सुश्री कल्याणी सेतुरामन, आईआरएएस