अवलोकन
मानव संसाधन विकास (एचआरडी) का उद्देश्‍य वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी एरोस्पेस उद्योग में तकनीकी और प्रबंधकीय उत्कृष्टता का वातावरण निर्मित करना है । बदलते वातावरण, तेजी से हो रहे प्रौद्योगिकीय परिवर्तनों , लाइसेंस प्राप्त उत्पादन से अनुसंधान एवं विकास आधारित उत्पादन में जाने, सह-विकास की रणनीतियां, सह-उत्पादन, संयुक्त उपक्रम, आउटसोर्सिंग, पब्लिक प्राइवेट साझेदारी, सिविलियन एवं निर्यात बाजार आदि में विवि‍धीकरण पर केन्द्रित करने आदि मामलों में मानव संसाधन की भूमिका महत्‍वपूर्ण हो जाती है । मानव संसाधन विकास योजना का समग्र उद्देश्य ऐसे जीवंत निष्‍पादन एवं ज्ञानार्जन का वातावरण निर्मित करना है, जो व्यवसाय , गुणवत्ता , लागत, वितरण और उत्कृष्टता की चुनौतियों को पूरा करता हो । सक्षम मानव संसाधनों की भर्ती और उन्‍हें बनाए रखना तथा कंपनी के प्रति अत्‍यधिक प्रतिबद्धता और अपनत्‍व की भावना को बनाए रखना अत्‍यंत महत्वपूर्ण है । तदनुसार, कंपनी के मानव संसाधन की दूरदृष्टि, मिशन, उद्देश्य, रणनीतियां और नीतियां ध्‍यानपूर्वक विकसित की जाती हैं ।

मानव संसाधन की दूरदृष्टि
“संगठन की संस्कृति में शामिल मूल मूल्यों द्वारा संचालित वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों को पूरा करने के लिए असाधारण रूप से कुशल, अत्यधिक प्रेरित और प्रतिबद्ध मानव संसाधन के साथ एचएएल को गतिशील, जीवंत और मूल्य-आधारित शिक्षण संगठन बनाना”।

मानव संसाधन का लक्ष्‍य
“एचएएल में सेवारत समस्‍त कर्मचारियों को सक्षम बनाना ताकि वे अपना उत्‍कृष्‍ट प्रदान कर सकें और उनके तथा संगठन के समग्र विकास को सुनिश्चित किया जा सके ”।

उद्देश्‍य
संगठन के लक्ष्‍यों और उद्देश्‍यों को पूरा करने के लिए समस्‍त गुणतायुक्‍त कर्मचारियों की उपलब्‍धता सुनिश्चित करना।

ज्ञान, कुशलता और सक्षमता में सतत् सुधार को कारगर बनाना (प्रबंधकीय व्‍यवहार और तकनीकी)।

सत्‍यनिष्‍ठा, विश्‍वसनीयता और गुणवत्‍ता पर बल देते हुए अध्‍ययन, नवाचार और उपलब्धि की संस्कृति को बढ़ावा देना।

व्‍यक्तिगत सबलीकरण और टीम-निर्माण के माध्‍यम से कार्य-बल को प्रेरित करना।

उत्‍पादकता, लाभ और गुणतायुक्‍त कार्य को बढ़ावा देने के लिए प्रत्‍यक्ष और महत्‍वपूर्ण रूप से मुख्‍य भूमिका का निर्वाह करना।

रणनीति
कारपोरेट रणनीति के साथ सम्‍पूर्ण सुयोजन

कम्‍पनी के उद्देश्‍यों और लक्ष्‍यों को पूरा करने के लिए इष्टतम स्‍तर पर मानव संसाधन को सक्रिय बनाना।

प्रशिक्षण, पुनः प्रशिक्षण, बहुविध कुशलता आदि के माध्‍यम से ज्ञान और कुशलता की पहचान, निर्माण, विश्‍लेषण और इसका उन्‍नयन करना।

संगठन में विभिन्‍न स्‍तरों पर पारस्‍परिक दूरदृष्टि के सहारे नेतृत्‍व को पोषित करना।

उच्‍च तकनीकी क्षेत्रों में प्रमुख सक्षमता के विकास पर ध्‍यान केन्द्रित करना।

क्रॉस – कार्यपरक टीम का निर्माण।

कम्‍पनी भर में दूरदृष्टि, लक्ष्‍य और मूल्‍यों को बढ़ावा देना ।

कार्य निष्‍पादन संस्कृति के अंतर्गत पुरस्‍कार, सम्‍मान एवं प्रेरणा को प्रोत्साहित करना ।

मानव संसाधन नीतियों पर ध्‍यान केन्द्रित करना

सक्षमता का निर्माण

प्रतिबद्धता

प्रेरणा

कर्मचारी संबंध

सक्षमता आधारित पद्धतियाँ
एचएएल में लोगों के विकास की पहलों ने व्यावसायिक परिणामों को चलाने के लिए रणनीतिक भूमिका निभाई है। मानव संसाधन प्रक्रियाओं और प्रणालियों को बढ़ाने के लिए एचएएल में कई पहल योग्यता मानदंड का केंद्र बिंदु बन गया है। अधिकारियों को प्रेरित करने के लिए, उच्च गति को बढ़ावा देने के लिए एक त्वरित पदोन्‍नति नीति मौजूद है ।

कंपनी में एक व्यावहारिक योग्यता मॉडल, जिसमें तीन समूहों में तीन प्रमुख समूह और ग्यारह सक्षमताएँ विकसित की गईं, जो सक्षमता मानदंड के आधार पर बनती हैं :

मूल्‍यांकन केंद्र ग्रेड VI और इसके ऊपर के अधिकारियों के लिए आयोजित किया गया है। इस तरह के अधिकारियों के लिए विकास संबंधी जरूरतों को ध्‍यान में रखकर आईआईएम अहमदाबाद, बंगलौर और कोलकाता में सक्षमता विकास कार्यक्रम आयोजित किया गया है।

भर्ती
एचएएल में नए व्‍यक्तियों की भर्ती अधिकारी स्‍तर पर मैनेजमेंट / डिजाइन ट्रेनी के रूप में तथा कर्मकार स्‍तर पर तकनीशियन और डिप्लोमा ट्रेनी के रूप में की जाती है । मेधावी और नए इंजीनियरिंग स्नातक और अन्य प्रोफेशनल को मैनेजमेंट / डिजाइन ट्रेनी के रूप में भर्ती को अपेक्षित पृष्ठभूमि, सक्षमताओं और कौशल सेट के साथ प्रत्येक कार्यक्रम से संबद्ध होती है । ट्रेनी के रूप में भर्ती के अलावा, कंपनी आवश्यकताओं के आधार पर विभिन्न ग्रेडों पर पार्श्व प्रविष्टि ( Lateral Entry) के माध्यम से अधिकारियों की भर्ती भी करती है।

कंपनी की समयबद्ध परियोजनाओं की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए, कार्यकाल के आधार पर गैर-कार्यपालक कैडर में कार्मिकों की नियुक्ति के लिए एक योजना 2015 के दौरान प्रस्‍तुत की गई । इस तरह की नियुक्ति वर्कलोड, आर्थिक परिस्थितियों और संसाधनों के उपयोग के आधार पर जनशक्ति की भर्ती में लचीलापन प्रदान करती है और लागत प्रभावी होती है। इस पहल को दक्षता बढ़ाने, लागत प्रभावकारिता को बढ़ावा देने और प्रतिस्पर्धात्मकता लाने के लक्ष्‍य से किया गया है ।

ज्ञानार्जन एवं विकास
इसका उद्देश्य यह है कि निम्‍नलिखित रूप में ज्ञानार्जन/ सीखना व्यक्तिगत व्यावसायिक विकास का एक अभिन्न अंग बने :

अप्रचलित पद्धतियों से बचने के लिए ज्ञान को अद्यतन करना

रचनात्मकता और नवाचार में वृद्धि

लगातार बड़ी जिम्मेदारियों को उठाने की क्षमता रखनेवालों की पहचान करें

प्रतिस्पर्धात्मक लाभ और चुनौतियों को उठाने के लिए रणनीतिक सोच के माध्यम से बाजार में अपनी प्रतिभागिता को बढ़ाएं ।

ज्ञान प्रबंधन, कोचिंग और मैन्टरिंग परिवर्तनों का सामना करने के लिए संगठनों की प्रमुख क्षमता है।

कार्य निष्‍पादन प्रबंधन प्रणाली
प्रणाली का उद्देश्य कंपनी के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए लोगों की क्षमताओं में सुधार करना है । कार्यपालक अधिकारियों की कार्य निष्पादन प्रणाली कार्य योजना एवं लक्ष्‍यबद्ध कार्य(टास्‍क) (पारस्परिक रूप से सहमत कार्य) के आधार पर तैयार की जाती है । आत्‍म समीक्षा एवं विश्लेषण, क्रमबद्ध समीक्षा और कार्य निष्‍पादन प्रतिक्रिया के माध्‍यम से मूल्‍य संवर्द्धन संबंधी कार्यकलापों पर केन्द्रित करने को सुनिश्चित करता है । इसका एक और उद्देश्य निम्‍न कार्य निष्‍पादनकर्ताओं और उच्च कार्य निष्‍पादनकर्ताओं की पहचान करना भी है । कामगारों के लिए कार्य निष्‍पादन की समीक्षा की एक स्पष्ट रूप से परिभाषित प्रणाली है।

मानव संसाधन का मुख्‍य जोर क्षमता निर्माण, निष्‍पादन प्रबंधन आदि की सरलीकृत प्रक्रिया के माध्‍यम से लोगों से सर्वश्रेष्ठ लाभ प्राप्त करना है । मानव संसाधन प्रक्रियाएं, जिनमें भर्ती, नियुक्ति, मुआवजा, करियर विकास, करियर योजना, उत्तराधिकार योजना आदि एचएएल की वर्तमान और भविष्य की परियोजनाओं से संबद्ध्‍ हैं। एचएएल समय-समय पर एचआर नीतियों की समीक्षा करता है और कंपनी की लगातार विकसित जरूरतों के अनुरूप उन्हें बेहतर रूप में तैयार भी करता है ।

एचएएल को आज एक विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी और एक अधिक विकसित संगठन के रूप में तैयार होने के लिए अपेक्षित क्षमताओं को विकसित करने की आवश्‍यकता है। वर्तमान परियोजनाओं / कार्यक्रमों में से प्रत्येक की सफलता और प्रक्रियाधीन स्थितियों पर कार्रवाई अत्यधिक कुशल कार्यबल के अलावा सक्षम नेतृत्व और प्रबंधकीय और इंजीनियरिंग कौशल की उपलब्धता पर निर्भर करती है। इस दिशा में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कंपनी द्वारा शुरू की गई कुछ प्रमुख पहल इस प्रकार हैं :

नेतृत्व विकास कार्यक्रम
एचएएल ने कल की चुनौतियों का सामना करने के लिए आज के वरिष्ठ अधिकारियों की पीढ़ी की तैयारी के उद्देश्य से व्यापक नेतृत्व विकास कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करके संगठन के भीतर नेतृत्व क्षमताओं का निर्माण करने की यात्रा शुरू की। इस पहल से एचएएल को भविष्य के नेतृत्‍वकर्ताओं को प्रमुख पदों के उत्तराधिकार के लिए तैयार करने और उनमें नेतृत्‍व क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी। इस कार्यक्रम के (एक वर्ष की अवधि में अंतरदेशीय और अंतरराष्ट्रीय स्‍तर पर उपलब्‍ध) 7 मॉड्यूल हैं और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), अहमदाबाद के सहयोग से एचएएल प्रबंधन अकादमी द्वारा इसका समन्‍वय किया जाता है। अंतर देशीय स्‍तर पर इस मॉड्यूल में एचएएल प्रबंधन अकादमी का अभिमुखीकरण कार्यक्रम, आईआईएम-अहमदाबाद से दो मॉड्यूल, कंपनी में व्यक्तिगत परियोजना और समूह परियोजना शामिल है। अंतर्राष्ट्रीय पद्धतियों और मानक परिचालनीय और व्यापारिक उत्कृष्टता प्रदान करने और एरोस्पेस उद्योग को विकसित करने के उद्देश्‍य से 2 सप्ताह के अंतर्राष्ट्रीय मॉड्यूल का आयोजन एक प्रतिष्ठित विदेशी विश्वविद्यालय में रखा गया है ।

वर्ष 2013-14 के दौरान, यह कार्यक्रम एचएएल में लागू किया गया था और ग्रेड VII और VIII में 48 से 52 वर्षों के आयु वर्ग के उत्कृष्ट ट्रैक रिकॉर्ड [’85’ और ऊपर (100 में से) के प्रदर्शन रेटिंग आदि शामिल हैं] के 30 वरिष्ठ अधिकारियों को नामित किया गया। वर्ष 2014-15 के दौरान, आयु मानदंड, कार्य निष्‍पादन, ग्रेड इत्यादि के अनुसार चयन मानदंडों की समीक्षा की गई और कार्यक्रम में भाग लेने के लिए दो बैचों (प्रत्येक 30 अधिकारी) में अधिकारियों को नामित किया गया । कंपनी के प्रभाग / कॉम्प्लेक्स कार्यालयों द्वारा चुने गए अधिकारियों का एक विधिवत गठित चयन समिति द्वारा साक्षात्कार लिया गया। आगे, 2017-18 के दौरान, कंपनी में नेतृत्व विकास कार्यक्रम की पहल हेतु 31 अधिकारियों सहित एक और बैच आयोजित करने का निर्णय लिया गया।

कार्यक्रम के पूरा होने की तारीख से 5 साल की अवधि के लिए कंपनी की सेवा के लिए नामित अधिकारियों को बॉन्ड भरने करने की आवश्यकता है। प्रति प्रतिभागी कुल बॉण्ड का मूल्य, वेतन और भत्तों सहित पाठ्यक्रम / प्रशिक्षण के कुल व्‍यय के बराबर है।

आईआईएम लखनऊ के सहयोग से इसी तरह के नेतृत्‍व विकास की पहल मध्य प्रबंधन कैडर के ग्रेड V स्‍तर के कार्यपालक अधिकारियों के लिए प्रस्‍तावित की गई है । इस कार्यक्रम में 57 अधिकारियों ने भाग लिया है।

पीठों को प्रायोजित किया जाना एवं उसकी स्थापना
एरोनॉटिक्स के क्षेत्र में नवीनतम और उन्नत प्रौद्योगिकी हासिल करने और परियोजनाओं के संबंध में इसे लागू करने के लिए एक मध्य-कैरियर का अवसर प्रदान किया जाता है । एचएएल ने एमएससी प्राप्त करने के लिए अधिकारियों को प्रायोजित करने के लिए क्रैनफील्ड विश्वविद्यालय, यूके के साथ समझौता किया है। वायुगतिकी में, एरोस्पेस वाहन डिजाइन, 2012 से 2017 तक थर्मल पावर आदि, 100 से अधिक अधिकारियों के इस कार्यक्रम के लिए प्रायोजित किया गया है।

उपरोक्त के अलावा, एचएएल एक सुव्‍यवस्थित रूप से प्रौद्योगिकी और प्रबंधन के क्षेत्र में उच्चतर अध्ययन के लिए भारत के प्रतिष्ठित संस्थानों में अधिकारियों को प्रायोजित रूप में नामित कर रहा है। तकनीकी और डिजाइन के क्षेत्र में , अधिकारियों को विभिन्न आईआईटी , आईआईएससी, बैंगलोर आदि में और प्रबंधन के क्षेत्र में आईआईएम आदि के लिए प्रायोजित कर नामित किया जा रहा है।

प्रौद्योगिकीय मुद्दों का निवारण करने और प्रभागों / अनुसंधान एवं विकास केंद्रों द्वारा चुने गए विशेष परियोजनाओं को करने तथा उसके लिए समाधान खोजने और विचारों को विकसित करने करने के लिए प्रभागों / अनुसंधान केंद्रों की सहायता हेतु वर्ष 2014 के दौरान भारतीय विज्ञान संस्थान – बैंगलोर और आईआईटी खड़गपुर, कानपुर, मद्रास, दिल्ली और बॉम्बे में एमएस (अनुसंधान द्वारा), एमएससी (इंजीनियरिंग), अनुसंधान द्वारा और पीएचडी कार्यक्रम द्वारा (बाह्य रजिस्‍ट्रेशन के माध्यम से) की एक योजना प्रायोजित किए जाने हेतु प्रारंभ की गई है ।

कंपनी की परियोजनाओं की बढ़ती संख्या और सुव्‍यवस्थित व्यावसायिक तरीके से उन्हें प्रबंधित करने की आवश्यकता को पूरा करने के लिए, कंपनी ने परियोजना प्रबंधन से संबंधित व्‍यावसायिक रूप से अनुभवी और कुशल व्‍यक्तियों का संगठन स्‍तर पर कैडर बनाने की प्रक्रिया शुरू की थी। परियोजना प्रबंधन प्रमाणन व्यक्तियों और संगठनों दोनों के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है। वर्ष 2016 के दौरान पीएमपी प्रशिक्षण, आवेदन, प्रमाणन और नवीकरण के लिए प्रक्रिया पर एक व्यापक नीति अधिसूचित की गई है।

इसके अलावा, एचएएल ने एरोस्पेस के क्षेत्र में नित नई प्रौद्योगिकियों में प्रो‍न्‍नति एवं विकास हेतु अकादमिक और अनुसंधान आधारित वार्ता करने के उद्देश्‍य से आईआईटी-रुड़की, आईआईटी- कानपुर, आईआईटी-बॉम्बे, आईआईटी-मद्रास, आईआईटी – खड़गपुर और आईआईएससी, बैंगलोर में पीठों की स्थापना की है।

कौशल विकास :

एचएएल की कौशल विकास इकाई (एसडीयू) पूरे एचएएल में कर्मचारियों (कार्यकर्ता संवर्ग) को कौशल बढ़ाने, पुनः कौशल देने और बहु-कौशल प्रदान करने के लिए कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रीढ़ है। कौशल विकास नीति 2016 में एचएएल में पेश की गई थी, जिसका उद्देश्य पुनर्कार्य, अस्वीकृति और समय से पहले उत्पाद विफलताओं के मामले में बर्बादी को खत्म करके प्रदर्शन उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए व्यक्ति के कौशल, ज्ञान और समझ को बढ़ाना था, जिससे उत्पादकता, गुणवत्ता और ग्राहक संतुष्टि में वृद्धि और मजबूती हो सके। कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मकता.

कौशल विकास नीति को कौशल विकास प्रबंधन प्रणाली (एसडीएमएस) के साथ एकीकृत किया गया है, जिसमें नौकरी की भूमिकाओं और मानकों के विकास, कर्मचारियों के मौजूदा कौशल स्तर की मैपिंग और कौशल अंतर का पता लगाने के लिए आवश्यकता और मानक के लिए कौशल की पर्याप्तता की जांच करने की परिकल्पना की गई है। . परिणामी कौशल अंतर को कौशल अंतराल पर ध्यान केंद्रित करने वाले कर्मचारियों की पहचान, डिजाइन और प्रशिक्षण प्रदान करके संबोधित किया जाता है। प्रशिक्षण मॉड्यूल के वितरण का तंत्र क्लास-रूम ट्रेनिंग (ज्ञान से लैस करने के लिए), शॉप-फ्लोर ट्रेनिंग (कौशल विकसित करने के लिए) और कोचिंग/मेंटरिंग (कौशल और ज्ञान को समझने और बनाए रखने के लिए) की प्रक्रिया से होकर गुजरता है। इन प्रशिक्षण मॉड्यूल के बाद कौशल का मूल्यांकन किया जाता है ताकि कौशल में सुधार को मापा जा सके। मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर, प्रत्येक व्यक्ति के प्रदर्शन स्तर को अगले उच्च स्तर तक बढ़ाने के लिए कौशल विकास प्रक्रिया का अगला चक्र जिसमें पुन: प्रशिक्षण और कोचिंग/मेंटरिंग भी शामिल है, जिसे पोस्ट असेसमेंट ट्रेनिंग भी कहा जाता है, चलाया जाता है।

संगठन के भीतर अनुभवी कर्मचारियों से नई और युवा प्रतिभाओं के लिए आवश्यक कौशल को पकड़ने और स्थानांतरित करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता के जवाब में कंपनी द्वारा क्रिटिकल स्किल ट्रांसफर (सीएसटी) जैसे विशेष उपकरण शुरू किए गए हैं।
एचएएल के विशाल कौशल डेटा को संभालने के लिए कौशल विकास पोर्टल नामक एक समर्पित वेब पोर्टल विकसित किया गया है जो कौशल विकास गतिविधियों की रिकॉर्डिंग और विश्लेषण करने में सक्षम बनाता है।
31 मार्च 2024 तक, सरकार द्वारा तीन कॉपीराइट प्रदान किए गए हैं। भारत की 'एचएएल में कौशल विकास प्रक्रिया', 'क्रिटिकल स्किल ट्रांसफर' और 'कौशल विकास पोर्टल' के लिए।

एचएएल पुरस्कार योजना
अधिकारियों के सम्मान में अनुकरणीय प्रदर्शन के लिए पुरस्कार योजना 15.6.17 को कंपनी में अधिसूचित की गई थी, ताकि जो अल्पकालिक और दीर्घकालिक संगठनात्मक लक्ष्यों की प्राप्ति में योगदान देता हो, तो उन्‍हें नवाचार, असाधारण उत्पादकता इत्यादि के आधार पर कार्यपालक अधिकारियों के अनुकरणीय प्रदर्शन को पहचानकर प्रोत्साहित किया जा सके ।

एचएएल कर्मचारी की समयपूर्व सेवानिवृत्ति योजना

‘व्‍यावसायिक सक्षमता के बढ़ते वातावरण में प्रबंधन कारोबार की ओर एक कदम आगे बढ़कर, कंपनी में कर्मचारियों की समय से पहले सेवानिवृत्ति के लिए वर्ष 2016 के दौरान एक संशोधित योजना शुरू की गई है । चूंकि प्रशासनिक मशीनरी कुशल कर्मचारियों पर अपने कार्यों के लिए निर्भर करती है, इसलिए संगठन के लिए अत्‍यंत उपयोगी कर्मचारियों की समीक्षा एवं उनका चयन करके प्रशासनिक मशीनरी की प्रभावशीलता में सुधार करने की आवश्यकता महसूस की गई । इस योजना के अंतर्गत सेवानिवृत्ति से दो वर्ष पूर्व ही, कर्मचारी द्वारा परामर्श / प्रतिक्रिया प्रदान किया जाना शामिल है । यह योजना वर्तमान में कंपनी के अधिकारियों के लिए लागू है और प्रमाणित स्थायी आदेशों को उचित रूप से संशोधित करने के बाद श्रमिकों के लिए भी यह लागू की जाएगी।

A Superannuation Cell has been created at Corporate Office to provide the support to our superannuated employees on various matters viz Submission of Documents like Life/Survival Certificate, Details of Group Health Insurance Scheme etc.

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Revision of Pay Scales and Allowances of Officers w .e.f 1/1/2017 & Revision of Wage Structure of Workmen w.e.f 1/1/2017.

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