एयरक्राफ़्ट अनुसंधान एवं अभिकल्प केंद्र (एआरडीसी), वर्ष 1948-49 के दौरान हिन्दुस्तान एयरक्राफ्ट लिमिटेड के इंजीनियरिंग विभाग के रूप में शुरू होकर एक पूर्ण आर एंड डी केंद्र के रूप में विकसित हुआ। एआरडीसी ने बुनियादी पिस्टन ट्रेनर जैसे एचटी-2, पुष्पक से लेकर मारुत, एलसीए जैसे फ्रंटलाइन लड़ाकू विमानों तक कई विमानों डिजाइनिंग की है।
