डॉ. निखिल अग्रवाल

  • स्वतंत्र निदेशक

डॉ. निखिल अग्रवाल भारत के अग्रणी इनोवेशन, स्टार्टअप तथा पॉलिसी विशेषज्ञ हैं। वर्तमान में वे आईआईटी दिल्ली के एफआईटीटी के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। आईआईटी दिल्ली का फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (एफआईटीटी) शिक्षा संस्थान तथा उद्यम के मध्य सेतु स्थापित करके, प्रौद्योगिकी अंतरण को सुगम बनाकर तथा स्टार्टअप्स को सहायता प्रदान करके इनोवेशन को बढ़ावा देता है। यह अनुसंधान के वाणिज्यीकरण तथा उद्योग सहभागिताओं को सक्षम बनाता है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति को बढ़ावा मिलता है।

वर्ष 2019-24 के दौरान वे आईआईटी कानपुर में एसआईआईसी तथा एआईआईडीई के सीईओ का दोनों दायित्व संभाल रहे थे। वे आज देश के सबसे बड़े टेक-इन्क्यूबेटर के संचालन एवं प्रबंधन के लिए उत्तरदायी थे, जिसमें 300 से अधिक इन्क्यूबेटेड स्टार्टअप्स सम्मिलित थे। एनआईआरएफ रैंकिंग में 2023 में आईआईटी कानपुर को इनोवेशन श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था। वर्ष 2021-22 के दौरान उन्हें सी3आईहब, आईआईटी कानपुर (साइबरसिक्योरिटी एंड साइबरसिक्योरिटी ऑफ फिजिकल-सिस्टम्स इनोवेशन हब) के सीईओ का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था। सी3आईहब की स्थापना भारत सरकार से प्राप्त ₹170 करोड़ (यूएसडी 24 मिलियन) के अनुदान के माध्यम से महत्वपूर्ण अवसंरचना हेतु साइबरसिक्योरिटी के क्षेत्र में भारत का अग्रणी केंद्र स्थापित करने के लिए की गई है।

वर्ष 2018 में उन्हें महाराष्ट्र सरकार के महाश्मिता लाइवलीहुड रूरल एक्सेलरेटर प्रोग्राम (एमआईएलएपी) का वाइस चेयरमैन नियुक्त किया गया, जो एमएसआरएलएम तथा फिक्की के संयुक्त सहयोग से संचालित एक कार्यक्रम है। वर्ष 2014 में भारत के प्रधानमंत्री ने भारतीय प्रवासियों से मातृभूमि की सेवा के लिए देश लौटने का आह्वान किया था। डॉ. अग्रवाल ने इस आह्वान का आदर करते हुए यूनाइटेड किंगडम से भारत लौटकर वर्ष 2015-2017 के दौरान राज्यव्यापी इनोवेशन एजेंडा को गति प्रदान करने हेतु आंध्र प्रदेश इनोवेशन सोसायटी (एपीआईएस) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ, एपीआईएस) के रूप में आंध्र प्रदेश सरकार में कार्यभार ग्रहण किया। वे साइबर सिक्योरिटी इनोवेशन पार्क, रूरल इनोवेशन लैब्स, इन्क्यूबेशन सेंटर्स, स्टार्टअप इकोसिस्टम तथा स्टार्टअप फंड की स्थापना जैसी बड़े पैमाने की इनोवेशन परियोजनाओं के विकास में संलग्न रहे हैं। आंध्र प्रदेश राज्य के लिए महत्वपूर्ण राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध स्थापित करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

वे एंटरप्रेन्योर कैफे के संस्थापक भी हैं, जो 110 शहरों तथा छह महाद्वीपों में विस्तारित एक वैश्विक आंदोलन है और 45,000 से अधिक उद्यमियों को जोड़ता है। डॉ. अग्रवाल ने अपने 20 वर्षों के कैरियर के दौरान व्यवसायों की स्थापना की है तथा कंपनियों को रणनीतिक विषयों पर परामर्श प्रदान किया है। उन्होंने कैडबरीज़,एफआईसी तथा जेनसार (आरपीजी ग्रुप) जैसी वैश्विक बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ कार्य किया है। उन्होंने वर्जीनिया टेक पॉलिटेक्निक एंड स्टेट यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रैडफोर्ड तथा यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज जैसे अग्रणी विश्वविद्यालयों में व्याख्यान दिए हैं। उनके लेखों, साक्षात्कारों तथा कार्यों को हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू ब्लॉग, फोर्ब्स, सीएनएन मनी, बीबीसी रेडियो, द न्यूयॉर्क टाइम्स तथा इकोनॉमिक टाइम्स सहित अंतरराष्ट्रीय मीडिया में व्यापक रूप से प्रकाशित किया गया है।

डॉ. अग्रवाल अनेक अंतरराष्ट्रीय थिंक टैंक्स से संबद्ध रहे हैं तथा क्वेश्चनबॉक्स और डब्ल्यूबीएएफ जैसे वैश्विक संगठनों में नेतृत्वकारी पदों पर कार्य कर चुके हैं। वर्ष 2006-13 के दौरान उन्होंने यूनाइटेड नेशंस ग्लोबल एलायंस ऑन आईसीटी एंड डेवलपमेंट (यूएनजीएआईडी) में उच्च-स्तरीय सलाहकार के रूप में कार्य किया। वे वर्ल्ड-एंटरप्रेन्योरशिप-फोरम (डब्ल्यूईएफ) तथा ओपन माइंड फाउंडेशन के इंटरनेशनल एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य भी रहे हैं। वे वर्ष 2008-10 के लिए प्रतिष्ठित इंटरनेट सोसायटी एडवाइजरी काउंसिल (आईएसओसी-एसी) के को-चेयर के रूप में निर्वाचित होने वाले प्रथम एशियाई थे। वर्ष 2017-19 के दौरान वे आईसी2 इंस्टीट्यूट, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास, ऑस्टिन के ऑनरेरी फेलो रहे। उन्हें भारत सरकार द्वारा “एक्सीलेंस इन प्रमोटिंग इनोवेशन इन गवर्नेंस” सम्मान से भी सम्मानित किया गया है।

उन्होंने विश्व के विभिन्न देशों की व्यापक यात्राएँ की हैं तथा वैश्विक संस्थानों, कॉरपोरेशनों एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ कार्य किया है। उन्होंने अग्रणी प्रकाशनों में 70 से अधिक रिसर्च पेपर्स, कॉन्फ्रेंस पब्लिकेशन्स, संपादकीय तथा लेख प्रकाशित किए हैं। डॉ. निखिल अग्रवाल ने यूनाइटेड किंगडम से एम.फिल. (यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज) तथा पीएचडी (यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग) की उपाधियाँ प्राप्त की हैं।

डॉ. अग्रवाल की मार्शल आर्ट्स में भी रुचि है। वे दो ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड’ अपने नाम कर चुके हैं। इनमें से एक ताइक्वांडो में वर्ष 2017 में तथा दूसरा वर्ष 2025 में 24 घंटे के भीतर सर्वाधिक संख्या में दूतावासों का भ्रमण करने के लिए प्राप्त हुआ।

कंपनी के किसी अन्य निदेशक के साथ डॉ. अग्रवाल का कोई संबंध नहीं है तथा उनके पास कंपनी के शेयर नहीं हैं।