श्री बरेण्य सेनापति

  • निदेशक (वित्त)

श्री बरेण्य सेनापति भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान के फेलो सदस्य हैं और उन्हें शैक्षिक योग्यता प्राप्ति के पश्चात् वित्त क्षेत्र में 31 वर्षों का अनुभव है ।

श्री बरेण्य सेनापति ने वर्ष 1995 में एचएएल में कार्यभार ग्रहण किया और उन्हें प्रभाग स्तर पर एवं मुख्यालय के वित्त विभाग में विभिन्न पदों पर 29 वर्षों का विपुल अनुभव है । कंपनी के निदेशक (वित्त) के रूप में उनकी वर्तमान नियुक्ति से पूर्व, श्री बरेण्य सेनापति कंपनी के मुख्यालय में अधिशासी निदेशक (वित्त) के पद पर कार्यरत थे तथा एचएएल के वित्त एवं लेखा संबंधी सभी कार्यों को संभाल रहे थे । उनके पास कंपनी की लेखा, वित्तीय योजना, कोष प्रबंधन, मूल्य निर्धारण एवं कराधान सहित वित्त के सभी क्षेत्रों में वैविध्यपूर्ण अनुभव है ।

एचएएल में अपने कार्यकाल के दौरान, श्री बरेण्य सेनापति ने लड़ाकू विमान एवं हेलिकॉप्टरों की आपूर्ति के लिए कई संविदाओं को अंतिम रूप देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई । वे एचएएल द्वारा की जाने वाली मरम्मत तथा ओवरहॉल कार्यकलापों के मूल्य निर्धारण को अंतिम रूप देने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जिनसे पर्याप्त राजस्व प्राप्त होता है ।

एचएएल के वित्त विभाग के कुशल कामकाज के लिए ऑनलाइन क्लेम बिल्स रियलाइजेशन सिस्टम (ई-सीबीआरएस) तथा सेंट्रलाइज्ड पे-रोल प्रोसेसिंग सेंटर के कार्यान्वयन में उनकी सक्रिय भूमिका रही है ।

उन्होंने रक्षा सेवाओं एवं रक्षा मंत्रालय के समन्वय से कर्नाटक सरकार, ओडिशा सरकार और हैदराबाद सरकार के साथ पुराने एवं लम्बे समय से चले आ रहे बिक्री कर विवादों के निपटान में अग्रणी भूमिका निभाई । वर्तमान में, वह महाराष्ट्र सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के साथ बिक्री कर एवं वैट विवादों के निपटान में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं ।

उन्होंने एचएएल को महारत्न का दर्जा दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाई, जो कि कंपनी के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है ।

कंपनी के किसी भी अन्य निदेशकों से इनका कोई संबंध नहीं हैं एवं कंपनी में इनकी कोई शेयरधारिता नहीं है ।