श्री शिशिर कुमार पात्रा ने एनआईटी राउरकेला से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में स्नातक उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने आईआईएम अहमदाबाद तथा आईएएस, टूलूज़, फ्रांस से लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम भी पूर्ण किया है। उन्हें निजी एवं सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों में 34 वर्ष से अधिक अवधि तक कार्य करने का व्यापक अनुभव प्राप्त है। वर्ष 2004 में हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड, कोरापुट प्रभाग में पदभार ग्रहण करने से पूर्व एल एंड टी, मुंबई में कार्य करते हुए उन्होंने अपनी दक्षता एवं क्षमताओं का सफलतापूर्वक परिचय दिया।
उन्होंने सु-30एमकेआई लड़ाकू विमान के एएल-31एफपी इंजन के विनिर्माण एवं उत्पादन हेतु सुविधाओं की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एचएएल में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने एएल-31एफपी इंजन के विनिर्माण में प्रयुक्त मैन्ड चैंबर वेल्डिंग, इलेक्ट्रॉन बीम वेल्डिंग, प्लाज़्मा कोटिंग, आइसोथर्मल फॉर्मिंग, सुपर प्लास्टिक फॉर्मिंग आदि जैसी विशेष प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण सुविधाओं की स्थापना की।
वे विश्वस्तरीय विनिर्माण प्रौद्योगिकियों का गहन ज्ञान रखने वाले एक ख्यातिप्राप्त हार्ड-कोर इंजीनियरिंग प्रोफेशनल हैं। उनके पास उत्पादन में वृद्धि करने, प्रचालनों में सुधार लाने तथा उत्पादन संवर्धन हेतु रणनीतिक पहलों को कार्यान्वित करने की विशेषज्ञता है। उन्होंने भारतीय वायुसेना (आईएएफ)/रक्षा मंत्रालय (एमओडी) के साथ 240 एएल-31एफपी इंजनों तथा 80 आरडी-33 इंजनों के अनुबंध को संपन्न करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में अपनी विशेषज्ञता तथा एरोस्पेस सामग्रियों के स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान के साथ उन्होंने सुखोई इंजन प्रभाग, कोरापुट को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी (मिग कॉम्प्लेक्स) का कार्यभार ग्रहण करने से पूर्व वे एचएएल नासिक के विमान विनिर्माण प्रभाग में अधिशासी निदेशक के पद पर कार्यरत थे। उनके सक्षम नेतृत्व में एलसीए एमके1ए की तीसरी उत्पादन लाइन तथा एचटीटी-40 बेसिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट की दूसरी उत्पादन लाइन को प्रचालनात्मक बनाया गया तथा राष्ट्र को समर्पित किया गया।
उन्होंने रक्षा विनिर्माण में अधिक संख्या में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे पब्लिक प्राइवेट पार्टिसिपेशन (पीपीपी) मॉडल को सुदृढ़ किया जा सके। यह आत्मनिर्भरता तथा “आत्मनिर्भर भारत” के सपने को साकार करने की दिशा में दूरगामी योगदान देगा।
