एचएएल और डीआईएटी एरोस्पेस अनुसंधान में प्रगति हेतु रणनीतिक साझेदारी में जुड़े
बेंगलूरु, दि.19 फरवरी, 2025: एचएएल के नोडल प्रशिक्षण संस्थान, एचएएल प्रबंध अकादमी (एचएमए) ने उद्योग और शिक्षा के बीच के अंतराल को कम करने, अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देने और एरोस्पेस क्षेत्र में प्रौद्योगिकीय प्रगति को बढ़ावा देने में सहयोग के लिए डीआरडीओ के अधीनस्थ एक प्रतिष्ठित संस्थान डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (डीआईएटी), पुणे के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
डॉ. जी श्रीकंठ शर्मा, अधिशासी निदेशक, एचएमए और डॉ बीएचवीएस नारायण मूर्ति, कुलपति, डीआईएटी ने डॉ डी. के. सुनील, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एचएएल और दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए ।
इस साझेदारी के तहत, एचएएल के अधिकारियों को डीआईएटी में मास्टर और पीएचडी कार्यक्रमों को प्राप्त करने, उभरती प्रौद्योगिकियों पर विशेष कैप्सूल मॉड्यूल में भाग लेने और संकाय एवं छात्र विनिमय कार्यक्रमों में संलग्न होने का अवसर मिलेगा। समझौता ज्ञापन भारत की रक्षा और विमानन क्षमताओं को मजबूत करने के उद्देश्य से संयुक्त सम्मेलनों, संगोष्ठियों और सहयोगी अनुसंधान परियोजनाओं के लिए मार्ग भी प्रशस्त करता है ।
यह रणनीतिक सहयोग नवाचार को बढ़ावा देने, कौशल विकास में तेजी लाने और अगली पीढ़ी के एरोस्पेस समाधानों के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए तैयार किया गया है, जो विमानन और रक्षा प्रौद्योगिकी में वैश्विक नेता के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करता है ।

