एचएएल ने भारतीय तटरक्षक बल को चार एएलएच एमके III (एमआर) हेलिकॉप्टर सुपुर्द किए, निर्धारित सुपुर्दगी समयसीमा का पालन किया
बेंगलूरु, दि. 10 अप्रैल, 2026: हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने आज बेंगलूरु में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय तटरक्षक बल को चार एएलएच एमके‑III मैरीटाइम रोल (एमआर) हेलिकॉप्टर सुपुर्द किए । यह सुपुर्दगी निर्धारित समयसीमा के अनुरूप की गई है, जिससे भारतीय तटरक्षक बल की समुद्री क्षमताओं को और सुदृढ़ किया गया है । डीआईजी राजेश मकवाना, टीएम एवं बार सीएसओ (एविएशन), तटरक्षक बल के कमांडर (वेस्टर्न सीबोर्ड) तथा श्री पी. बी. रंगाराव, मुख्य कार्यपालक अधिकारी हेलिकॉप्टर कॉम्प्लेक्स इस अवसर पर उपस्थित थे । हेलिकॉप्टर से संबंधित दस्तावेज़ क्षेत्रीय वैमानिक गुणवत्ता आश्वासन निदेशक (ओआरडीएक्यूए) का कार्यालय तथा हेलिकॉप्टर प्रभाग द्वारा कोच्चि और पोरबंदर स्थित तटरक्षक स्क्वाड्रनों को सौंपे गए । ये सुपुर्दगियाँ मार्च 2024 में हस्ताक्षरित नौ एएलएच एमके‑III (एमआर) हेलिकॉप्टरों के अनुबंध का हिस्सा हैं ।
एचएएल ने वर्ष 2022 तक भारतीय तटरक्षक बल को 16 एएलएच एमके‑III (एमआर) हेलिकॉप्टरों की सुपुर्दगी की है तथा मार्च 2026 में छह अतिरिक्त हेलिकॉप्टरों के लिए एक और अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए हैं । इस अवसर पर संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने हेलिकॉप्टरों की समयबद्ध सुपुर्दगी सुनिश्चित करने के लिए एचएएल के प्रयासों की सराहना की, जिससे भारतीय तटरक्षक बल के रोटरी‑विंग बेड़े की क्षमताओं में वृद्धि होगी ।
एएलएच एमके‑III (एमआर) स्वदेशी ध्रुव उन्नत हेलिकॉप्टर का मैरीटाइम वेरिएंट है । यह एक मल्टी-रोल ट्विन इंजन हेलिकॉप्टर है, जिसे समुद्री निगरानी, खोज एवं बचाव, आपातकालीन निकास, तट सुरक्षा, लॉ एनफोर्समेंट, वीआईपी यात्रा, टुकड़ी परिवहन, लॉजिस्टिक्स तथा एंटी‑पाइरेसी सहित चुनौतीपूर्ण समुद्री अभियानों के लिए सुसज्जित किया गया है ।
उन्नत एवियॉनिक्स, आधुनिक ग्लास कॉकपिट तथा नाइट ऑपरेशन क्षमता से युक्त एएलएच एमके III (एमआर) विभिन्न समुद्री परिदृश्यों में भारतीय तटरक्षक बल की प्रचालन तत्परता को काफी मजबूत करता है ।





