एचएएल ने वित्तीय वर्ष 2023-24 हेतु ₹29,810 करोड़ के रिकॉर्ड राजस्व के साथ दो अंकों की वृद्धि दर्ज़ की
बेंगलूरु, 1 अप्रैल, 2024: एचएएल ने पिछले वर्ष के 9% की तुलना में लगभग 11% की दो अंकों की विकास दर दर्ज करते हुए दिनांक 31 मार्च, 2024 को समाप्त होनेवाले वित्तीय वर्ष हेतु रु.29,810 करोड़ (अंतिम तथा असंपरीक्षित) के अब तक के अधिकतम प्रचालन राजस्व रिकार्ड किया । पिछले वित्तीय वर्ष में यह आँकडा रु.26,928 करोड़ था।
श्री सी.बी.अनंतकृष्णन, सीएमडी (अतिरिक्त कार्यभार), एचएएल ने कहा, “भू-राजनीतिक मुद्दों के कारण उत्पन्न हो रही आपूर्ति श्रृंखला संबंधी प्रमुख चुनौतियों के बावजूद, कंपनी ने पूरे वर्ष के दौरान बेहतर प्रदर्शन के साथ अपेक्षित राजस्व वृद्धि प्राप्त कर ली है । दिनांक 31 मार्च, 2024 तक, वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान अपेक्षित अतिरिक्त प्रमुख ऑर्डर के साथ कंपनी के ऑर्डर बुक की स्थिति रु.94,000 करोड़ से अधिक है”।
एचएएल को वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान रु.19,000 करोड़ से अधिक की नई विनिर्माण की संविदाएँ एवं रु.16,000 करोड़ से अधिक की आरओएच संविदाएँ प्राप्त हुई हैं ।
वर्तमान वित्तीय वर्ष 2023-24 में, गुयाना रक्षा बलों के साथ 2 हिन्दुस्तान-228 विमानों की आपूर्ति के लिए एक निर्यात संविदा पर हस्ताक्षर किए गए थे और कंपनी के सक्रिय दृष्टिकोण के कारण संविदा पर हस्ताक्षर करने के एक महीने के भीतर दोनों विमानों की आपूर्ति रिकॉर्ड समय में की गई है ।
कंपनी ने विकास की गति बनाए रखी है और सर्वांगीण सुधारित निष्पादन हासिल किया है । दिनांक 28 मार्च, 2024 को पहली उड़ान पूरा करते हुए एलसीए मार्क 1ए की पहला उत्पादन श्रृंखला फाइटर के एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है ।
वित्तीय वर्ष 2023-34, एचएएल के लिए काफी महत्त्वपूर्ण रहा और इस वर्ष में अति विशिष्ट व्यक्तियों के दौरे तथा ग्राहक संतुष्टि, ब्रांडिंग और पहचान तथा हितधारकों के विश्चास एवं भरोसे का निर्माण जैसे विभिन्न पहलुओं पर उपलब्धियाँ भी दर्ज की गईं जो इस वर्ष विशेष बनाते हैं ।
एचएएल वैश्विक एवं भारतीय प्रौद्योगिकी भागीदारों के साथ संबंध स्थापित करते हुए सहयोग एवं नई प्रौद्योगिकियों के विकास हेतु अवसरों की लगातार तलाश करता रहता है ।
वर्ष के दौरान, एचएएल एवं जनरल इलेक्ट्रिक, यूएसए ने एलसीए मार्क 2 विमान के लिए भारत में जीई -414 एरो-इंजन के प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (टीओटी) एवं विनिर्माण हेतु एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं । कंपनी इस कार्यक्रम के लिए 80% प्रौद्योगिकी हस्तांतरण प्राप्त करेगा, जो भारतीय एरो इंजन विनिर्माण इकोसिस्टम को आत्मनिर्भर बनने की ओर परिवर्तित करेगा ।
आईएमआरएच एवं डीबीएमआरएच के लिए इंजनों के स्वदेशी अभिकल्पन एवं विकास के लिए सैफ्रान हेलिकॉप्टर इंजन्स, फ्रांस के साथ एक संयुक्त उद्यम “एसएएफ एचएएल हेलिकॉप्टर इंजन प्राइवेट लिमिटेड” का गठन किया गया ।
वित्तीय वर्ष के दौरान, एचएएल एवं एयरबस ने नई दिल्ली में विमानों के ए-320 फैमिली के लिए एमआरओ सुविधाओं की स्थापना हेतु एक संविदा पर हस्ताक्षर किए । यह सहयोग मेक-इन-इंडिया मिशन को मज़बूत करेगा और साथ ही निर्यात क्षमता को भी बढ़ाएगा ।
एचएएल, अपनी सशक्त ऑर्डर बुक एवं त्वरित सुपुर्दगी योजना से यह अपेक्षा रखता है कि वह अपने विकास पथ को बनाए रखते हुए उसमें सुधार करेगा और साथ ही देश की रक्षा संबंधी तैयारियों के लिए भारतीय रक्षा सेवाओं को उनके प्रयासों में सहायता प्रदान करेगा ।
