एचएएल द्वारा विंग्स इंडिया में स्वदेशी नागरिक उड्डयन प्लेटफार्मों का प्रदर्शन ; एसजे 100 का होगा अनावरण
दिनांक 23 जनवरी, 2026, बेंगलूरु : हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) दिनांक 28 से 31 जनवरी, 2026 तक बेगमपेट हवाई अड्डा, हैदराबाद में आयोजित होने वाले विंग्स इंडिया 2026 में अपने बढ़ते सिविल पोर्टफोलियो का प्रदर्शन करेगा । एचएएल की भागीदारी का केंद्रबिंदु एच-228 कम्यूटर एयरक्राफ़्ट, ध्रुव न्यू जेनरेशन (एनजी) हेलिकॉप्टर और सुपर जेट (एसजे) 100 क्षेत्रीय एयरक्राफ़्ट होंगे, जिनकी प्रदर्शनी के दौरान अपनी औपचारिक शुरुआत होगी।
डॉ. डी. के. सुनील, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एचएएल ने कहा, “एचएएल लगातार अपने नागरिक उड्डयन क्षेत्र का विस्तार कर रहा है और विंग्स इंडिया में ध्रुव एनजी, एच-228 और एसजे-100 इन तीनों का प्रदर्शन नागरिक उड्डयन में आत्मनिर्भरता की दिशा में भारत की यात्रा को मजबूत करते हुए क्षेत्रीय संपर्क, नागरिक उपयोगी प्रचालन और भविष्य के लिए तैयार विमान कार्यक्रमों को मजबूत करने में हमारे केंद्रित प्रयास को दर्शाता है।“
प्रदर्शनी के दौरान हॉल ए, स्टॉल नंबर 27 में एचएएल की उपस्थिति रहेगी । इस पेविलियन में ध्रुव एनजी, एच 228, एच 228 एम्फीबियन, एसजे 100, एलयूएच सिविल, लाइन रिप्लेसेबल यूनिट (एलआरयू) के स्केल मॉडल और सिविल प्रचालकों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए अभिकल्पित सहायक उपकरण प्रदर्शित किए जाएंगे।
एचएएल स्टॉल में ध्रुव एनजी, एच 228, एसजे 100 और एसजे 100 ऑरस (बिजनेस जेट) का स्टैटिक डिस्प्ले का प्रमुख आकर्षण होगा। एचएएल “मेक इन इंडिया” संबंधी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए एसजे 100 विमान के विनिर्माण हेतु यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (यूएसी), रूस के साथ सहयोग कर रहा है। स्टैटिक डिस्प्ले के साथ ध्रुव एनजी तथा एच 228 की ग्राहक प्रदर्शन उड़ान भी रहेंगी, जिसके माध्यम से विमान के वास्तविक प्रदर्शन, सुरक्षा एवं प्रचालन संबंधी बहुमुखी प्रतिभा को प्रदर्शिन किया जाएगा ।
एचएएल स्टॉल में एविएशन घटकों, सहायक उपकरणों और एमआरओ कार्यकलापों को बेहतर ढंग से समझने के लिए डिजिटल प्रोडक्ट कियोस्क स्थापित किए जाएंगे। प्रदर्शनी के दौरान विभिन्न उद्योग भागीदारों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करने की योजना है।
‘विंग्स इंडिया 2026’ में एचएएल की उपस्थिति विमानन मूल्य श्रृंखला में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में अपनी भूमिका की पुन:पुष्टि करती है, जो क्षेत्रीय संपर्क के लिए भारत की उड़ान योजना और ‘मेक इन इंडिया’ नीति का समर्थन करती है। एचएएल उद्योग के पेशेवरों, ओईएम और प्रचालकों को एचएएल पेविलियन का अवलोकन करने के लिए आमंत्रित करता है, ताकि इसकी प्रौद्योगिकियों का पता लगाया जा सके और सहयोग के अवसरों पर चर्चा की जा सके।



