5 जून 2024

इसरो अध्यक्ष ने एलवीएम 3 कार्यक्रम को सहयोग देने के लिए एच ए एल सुविधाओं का उद्घाटन किया

बेंगलूरु, दि. 5 जून, 2024: श्री एस. सोमनाथ, अध्यक्ष, इसरो ने आज एचएएल के एरोस्पेस प्रभाग में श्री सी.बी.अनंतकृष्णन, सीएमडी (अतिरिक्त कार्यभार), एचएएल और इसरो तथा एचएएल के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में अत्याधुनिक प्रोपेलेंट टैंक उत्पादन एवं सीएनसी मशीनिंग सुविधाओं का उद्घाटन किया ।

नव स्थापित सुविधाएं अपनी बढ़ती उत्पादन जरूरतों को पूरा करने की इसरो की क्षमता के लिए अधिक बढ़ावा देंगी, विशेष रूप से भारत के सबसे भारी और सबसे शक्तिशाली रॉकेट लॉन्च व्हीकल मार्क-3 के लिए । वर्तमान में, मौजूदा क्षमता में प्रति वर्ष केवल दो एलवीएम 3 लॉन्च किए जा सकते हैं, जबकि इसरो की आवश्यकताएं सालाना छह लॉन्च की हैं । यह सुविधाएं इस अंतर को कम करेंगी, जिससे एचएएल को प्रति वर्ष छह एलवीएम 3 रॉकेट के उत्पादन करने के लिए सहयोग हेतु पर्याप्त महत्वपूर्ण घटकों के विनिर्माण करने में सक्षम बनाएंगी ।

एचएएल के प्रयासों की सराहना करते हुए श्री सोमनाथ ने कहा कि एचएएल के पास अपार क्षमताएं हैं और दोनों संगठनों के व्यापक हित में इन क्षमताओं का पता लगाया जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि एचएएल इसरो की भावी मिशनों में बड़ी भूमिका निभाएगा, इसलिए उसे उभरती प्रौद्योगिकियों, अभिकल्प संबंधी चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और इसरो पर दबाव कम करने के लिए एंड-टू-एंड कार्यों को करना चाहिए ।

श्री अनंतकृष्णंन ने कहा कि इसरो के साथ चल रहे सहयोग से मानव अंतरिक्षयान मिशनों और अगली पीढ़ी के प्रक्षेपण वाहनों (एनजीएलवी) के विकास में गति आएगी । इसरो के साथ काम करने के महत्वपूर्ण अवसर हैं और एचएएल अंतरिक्ष कार्यक्रमों में अपनी पूरी क्षमता का उपयोग करने तथा निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है । उन्होंने कहा कि “वह दिन दूर नहीं जब अंतरिक्ष एचएएल का एक महत्वपूर्ण वर्टिकल बन जाएगा”।

कार्यक्रम के दौरान, एक प्रतीकात्मक संकेत के रूप में, पहला गगनयान सर्विस मॉड्यूल और एलवीएम-3 ½ यू आइसोग्रिड संस्करण हार्डवेयर भी इसरो को सौंप दिया गया । 

प्रणोदक टैंक उत्पादन सुविधा उच्च निष्पादन ईंधन और ऑक्सीडाइज़र टैंक, 4 मीटर व्यास और लंबाई में 15 मीटर तक के आकार के एलवीएम 3 लॉन्च वाहन के लिए महत्वपूर्ण घटक के निर्माण में विशेषज्ञ होगी । सीएनसी मशीनिंग सुविधा में एलवीएम 3 के 4.5 मीटर क्लास रिंग्स और प्रोपेलंट टैंक डोम्स के उच्च परिशुद्धता फैब्रीकेशन को संभालने के लिए उन्नत कंप्यूटर न्यूमरिकल कंट्रोल (सीएनसी) मशीनें हैं ।

इस अवसर पर डॉ वी नारायणन, निदेशक, द्रव नोदन प्रणाली केंद्र (एलपीएससी); श्री एम मोहन, निदेशक, मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र (एचएसएफसी), एचएएल के श्री मिहिर कांति मिश्रा, मुख्य कार्यपालक अधिकारी (बेंगलूर  कॉम्प्लेक्स) और श्री एस अन्बुवेलन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी (हेलिकॉप्टर कॉम्प्लेक्स) उपस्थित थे ।