विनिर्माण कार्यक्रमों को अभिकल्प सहयोग प्रदान करने के लिए 1964 में अभिकल्प विभाग के रूप में स्थापित यह केंद्र आज पूर्ण रूप से विमान उन्नयन अनुसंधान व विकास केंद्र (एयूआरडीसी) के रूप में कार्य कर रहा है। सुखोई-30 एमकेआई, मिग श्रृखंला विमानों के क्षेत्र में व्यापक अनुभव, उत्पाद सुधार के लिए अभिकल्प व विकास, कार्य सक्षमता अभिवृद्धि, स्वदेशीकरण, प्रौद्योगिकी उन्नयन, जीवन वृद्धि के लिए संरचना एकीकरण अध्ययन, उड़ान परीक्षण विश्लेषण एवं मध्य आयु उन्नयन इसकी शक्तियाँ हैं। इसे सेमिलाक तथा विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा अभिकल्प केंद्र के रूप में मान्यता प्राप्त है। एयूआरडीसी एएस 9100सी एवं आईएसओ9001:2008 प्रमाणन प्राप्त संगठन है। इसकी केंद्रीय प्रयोगशाला को एनएबीएल से प्रत्यायन प्राप्त है।
- मिग 27 एम
- सु -30 एमकेआई (प्रगति पर) पर मिड-लाइफ अपग्रेड प्रोग्राम
- आधुनिक एवियानिक्स का एकीकरण
- शस्त्रों का एकीकरण
- उपकरण और रिकॉर्डिंग सिस्टम
- संरचनात्मक संशोधन
- हाइड्रोलिक सेवा ट्रॉली
- ईंधन नियंत्रण ट्रॉली
- ग्राउंड पावर यूनिट
- नाइट्रोजन / ऑक्सीजन जनरेशन ट्रॉली
- ग्राउंड इंजन प्रदर्शन मॉनीटर
- विमान उठाने के उपकरण
- कैनोपी सील होज
- हाइड्रोलिक फिल्टर एलिमेंट
- लैंडिंग, टैक्सिंग और रिफ्यूलिंग लाइट्स
- तार और कनेक्टर
- बैटरी
- ड्रॉप टैंक
- तकनीकी प्रकाशन
- स्टोर्स कैरेज और रिलीज के लिए सीएफडी विश्लेषण
- विमान प्रणाली और प्रौद्योगिकी में प्रशिक्षण
- सामग्री परीक्षण और विफलता विश्लेषण
- विमान की विफलता / दुर्घटना जांच और मरम्मत प्रौद्योगिकी
- पर्यावरण परीक्षण
- कंसल्टेंसी
महाप्रबंधक
विमान उन्नयन अनुसंधान एवं विकास केंद्र (एयूआरडीसी)
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड
पोस्ट पर: ओझर टाउनशिप, नासिक – 422207,
महाराष्ट्र, भारत
ईमेल : gmaurdc.nsk@hal-india.co.in
वेबसाइट : www.hal-india.co.in
फ़ोन : +91-2550-275464
फैक्स : +91-2550-271965
