
हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के हेलिकॉप्टर प्रभाग (हेलिकॉप्टर कॉम्प्लेक्स) में आपका स्वागत है।
हेलिकॉप्टर प्रभाग की स्थापना जुलाई 1970 में हुई। यह प्रभाग बाजार की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक इंजन तथा दो इंजन वाले, दोनों प्रकार के हेलिकॉप्टरों का विनिर्माण करता है।
हेलिकॉप्टर प्रभाग प्रोन्नत हल्का हेलिकॉप्टर एएलएच – ध्रुव एवं एएलएच-रुद्र, एलसीएच (हल्का लड़ाकू हेलिकॉप्टर), एलयूएच (हल्का उपयोगिता हेलिकॉप्टर), चीता, चेतक चीतल व लांसर हेलिकॉप्टर का विनिर्माण करता है।
प्रभाग को सह-स्थित अनुसंधान व विकास केंद्र- रोटरी विंग रिसर्च एंड डिजाइन सेंटर (आरडब्ल्यूआरडीसी) से सहयोग प्राप्त है।
एमआरओ प्रभाग हेलिकॉप्टरों के अनुरक्षण, मरम्मत व पुनर्कल्पन संबंधी कार्य करता है। रोटरी विंग अकादमी पायलटों के प्रशिक्षण का कार्य करती है।
एचएएल ने 1962 में मेसर्स एसयूडी-एविएशन (वर्तमान में मेसर्स यूरोकॉप्टर, फ्रांस) के साथ करार कर एलॉयट-III हेलिकॉप्टरों (चेतक) के उत्पादन से हेलिकॉप्टर विनिर्माण के क्षेत्र में प्रवेश किया। ‘उड़ान भरने योग्य’ प्रथम चेतक (एलॉयट-III) 1965 में सुपुर्द किया गया।
वर्ष 1970 में चीता (लामा एस ए 315-बी) के उत्पादन के लिए मेसर्स एसएनआईएसएस (वर्तमान में मेसर्स यूरोकॉप्टर) के साथ लाइसेंस करार किया गया। कच्चे माल से विनिर्मित पहला चीता हेलिकॉप्टर 1976-77 को सुपुर्द किया गया।
वर्ष 1990 में, एचएएल ने हल्का हमलावर हेलिकॉप्टर “लांसर” विकसित किया। लांसर हेलिकॉप्टर की मूल संरचना भरोसेमंद और अपनी योग्यता सिद्ध कर चुके चीता हेलिकॉप्टर से विकसित की गई है। इस हेलिकॉप्टर के आगे के पैनल बुलेट प्रूफ हैं, जिसके दोनों तरफ गन सह रॉकेट पॉड (70मिमी रॉकेट +12.5मिमी गन) लगे हुए हैं। सटीक फायरिंग के लिए ऑप्टिकल साइट लगाई गई है।
चीतल हेलिकॉप्टर, चीता हेलिकॉप्टर का रूपांतर है, जिसके इंजन में रूपांतरण किया है। चीतल हेलिकॉप्टर ने 2006 में हिमालय के “सासेर कांगड़ी” में दुनिया के सबसे ऊँचे लैंडिंग का रिकॉर्ड बनाया। एचएएल हेलिकॉप्टर प्रभाग ने कुल 682 एकल इंजन हेलिकॉप्टरों का सफलतापूर्वक विनिर्माण किया है।
एचएएल ने दो इंजन वाले प्रोन्नत हल्का हेलिकॉप्टर (एएलएच) के अभिकल्प, विकास और विनिर्माण में आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है। एएलएच 5.5 टन श्रेणी में बहु भूमिका, बहु मिशन और हर प्रकार के मौसम में कार्य करने वाला हेलिकॉप्टर है। इस स्वदेशी रूप से अभिकल्पित दो इंजन वाले हेलिकॉप्टर का श्रृंखला उत्पादन वर्ष 2001-2002 में प्रारंभ हुआ। इस प्रभाग द्वारा एएलएच के 336 विभिन्न वेरिएंट का उत्पादन किया गया है।
एलसीएच 5.8 श्रेणी में स्वदेशी रूप से अभिकल्पत व विकसित किया गया एक समर्पित लड़ाकू हेलिकॉप्टर है। यह समर्पित लड़ाकू हेलिकॉप्टर सभी प्रकार के मौसम एवं अत्यधिक सर्द और गर्म वातावरण में भरोसेमंद, फुर्तीला और
गतिशील रहने में सक्षम है। एलसीएच को एंटि-इन्फन्ट्री एवं एंटी-आर्मर भूमिका में उपयुक्त ठहरने के लिए डिजाइन किया जा रहा है एवं यह अत्यधिक ऊँचाई पर प्रचालन के योग्य होगा। एलसीएच टैंडम सीट विन्यास वाला हमलावर हेलिकॉप्टर है। प्रभाग द्वारा सीमित श्रृंखला उत्पादन के तहत 10 एलसीएच का उत्पादन किया गया है।
हल्का उपयोगिता हेलिकॉप्टर (एलयूएच) भारतीय सशस्त्र बलों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एचएएल द्वारा स्वदेशी रूप से अभिकल्पित एवं विकसित किया गया एकल इंजन वाला 3 टन का हेलिकॉप्टर है। यह हेलिकॉप्टर मूल रूप से उपयोगिता, प्रेक्षण/सैन्य परीक्षण आदि के लिए उपयोगी है। इसे अतिरिक्त, भारत जैसी विकासशील अर्थव्यवस्था वाले देश में इस श्रेणी के हेलिकॉप्टर की माँग सिविल क्षेत्र में भी बहुत अधिक है। भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तुमकूरु में नई सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। तुमकूरु स्थित हेलिकॉप्टर प्रभाग की नई फैक्टरी में दिसम्बर 2018 में एलयूएच ने उड़ान भरी। प्रभाग ने एलयूएच की सीमित श्रृंखला उत्पादन के तहत का उत्पादन गतिविधियां प्रारंभ की हैं।
प्रभाग को एएस 9100डी एवं आईएसओ 14001:2004 प्रमाणन प्राप्त है।
प्रभाग को सिविल विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से निम्नलिखित अनुमोदन प्राप्त है।
- सिविल विमानन आवश्यकताओं–21 (CAR-21) के तहत प्रोडक्शन ऑर्गनाइजेशन एक्सपोजिशन (पीओई)
- सिविल विमानन आवश्यकताओं–145 (CAR-145) के तहत मेन्टेनेंस ऑर्गनाइजेशन एक्सपोजिशन (एमओई)
- सिविल विमानन आवश्यकताओं–एम (CAR-M) के तहत कन्टिन्युइंग एयरवर्दीनेस मैनेजमेंट ऑर्गनाइजेशन (सीएएमओ)
- एएफक्यूएमएस-2011 (कंपनी एवं इसकी गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली का अनुमोदन) के तहत डीजीएक्यूए प्रमाणन
1000 हेलिकॉप्टरों के विनिर्माण के सिद्ध किये हुए रिकार्ड के साथ, हेलिकॉप्टर प्रभाग ने ध्रुव के हथियार प्रणाली एकीकृत (डब्ल्यूएसआई) संस्करण (जिसे रूद्र नाम दिया गया है), हल्का लड़ाकू हेलिकॉप्टर (एलसीएच), हल्का उपयोगिता हेलिकॉप्टर (एलयूएच) द्वारा अपनी अभिकल्प, विकास व उत्पादन क्षमता का विस्तार किया है।
- प्रिसीशन पुर्जों और गियर की मशीनिंग
- हल्के मिश्र धातुओं एवं स्टील की वेल्डिंग
- हीट ट्रिटमेंट एवं सुरक्षात्मक ट्रिटमेंट
- ट्रांसमिशन असेंबली
- संरचनात्मक असेंबली
- अंतिम असेंबली एवं फील्ड सर्विसिंग

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प्रमाणन |
द्वारा मान्यता प्राप्त |
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एएस 9100 ‘D’ (एरोस्पेस स्टैंडर्ड) |
IAQG‑approved Certification Body |
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सिविल विमानन आवश्यकताओं–21 (CAR-21) के तहत प्रोडक्शन ऑर्गनाइजेशन एक्सपोजिशन (पीओई) |
डीजीसीए |
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सिविल विमानन आवश्यकताओं–145 (CAR-145) के तहत मेन्टेनेंस ऑर्गनाइजेशन एक्सपोजिशन (एमओई) |
डीजीसीए |
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सिविल विमानन आवश्यकताओं– एम (CAR-M) के तहत कन्टिन्युइंग एयरवर्दीनेस मैनेजमेंट ऑर्गनाइजेशन (सीएएमओ) |
डीजीसीए |
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एएफक्यूएमएस-2011 (कंपनी एवं इसकी गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली का अनुमोदन) के तहत डीजीएक्यूए प्रमाणन |
डीजीसीए |
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आईएसओ 14001:2004 (पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली मानक) |
एनवीटी-क्यूसी |
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आईएसओ 14001:2004 14001:2018 |
क्यूएआईएस |
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आईएसओ 14001:2004 आईएसओ/आईईसी 27001: 2013 (सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली) |
क्यूएफएस मैनेजमेंट सिस्टम्स एलएलपी |
हेलिकॉप्टर प्रभाग के उत्पादों जैसे एएलएच, चीता/चेतक, एलसीएच एवं एलयूएच हेलिकॉप्टर के विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला में बाह्यस्रोतन मुख्य भूमिका अदा कर रहा है। उत्पादन दर बढ़ाने, लागतों का अनुकूलन करने, निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने, हेलिकॉप्टर विनिर्माण का वातावरण तैयार करने एवं भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए, हेलिकॉप्टर प्रभाग द्वारा बाह्यस्रोतन संबंधी निम्नलिखित क्रियाकलाप किए जाते हैं :
- डिटेल पुर्जों की मशीनिंग
- हीट ट्रिटमेंट एवं विशेष प्रक्रिया (संबद्ध टूल के अभिकल्प एवं विनिर्माण समेत) सहित शीट मेटल पुर्जों का निर्माण
- वेल्डिंग की हुई सब-असेंबली
- फाइबर रीइन्फोर्स्ड प्लास्टिक (एफआरपी) घटक
- ट्यूब/ पाइप बेंडिंग
- इलेक्ट्रिकल वायर हार्नेस
- परियोजना सेवा क्रियाकलाप जैसे हेलिकॉप्टरों / विस्तृत पुर्जों / सब-असेंबली की पेंटिंग ; परियोजना मदों आदि के पुन:कार्य क्रियाकलाप
- सब–असेंबली / असेंबली कार्य पैकेज
उपरोक्त के अतिरिक्त, प्रभाग निम्नलिखित क्षेत्रों में अपने बाह्यस्त्रोतन साझेदार बनाने व बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है:
- कच्चे माल की खरीद, हीट ट्रिटमेंट, विशेष प्रक्रिया एवं फिनिशिंग समेत मशीनिंग एवं शीट मेटल पुर्जों का पूर्ण विनिर्माण ।
- हीट ट्रिटमेंट एवं विशेष प्रक्रिया समेत महत्वपूर्ण गियर मशीनिंग
- एरो स्ट्रक्चर की रिवेटिंग
- कच्चे माल की खरीद, विस्तृत पुर्जों का निर्माण, हीट ट्रिटमेंट एवं विशेष प्रक्रिया प्रचालन, आवश्यक टूल, जिग एवं फिक्स्चर का विनिर्माण एवं सब–असेंबली एवं असेंबली का विनिर्माण समेत असेंबली कार्य पैकेज के लिए संपूर्ण सेवा प्रदाता
हेलिकॉप्टर प्रभाग को निम्नलिकित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं
- वर्ष 1992 एवं 1994 के दौरान हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड के सर्वश्रेष्ठ उत्पादन प्रभाग के लिए जवाहरलाल नेहरु ट्रॉफी।
- चीता हेलिकॉप्टर में रूपांतरित टीएम 333 2एम2 इंजन लगाने के लिए वर्ष 2003-04 के दौरान नवाचार में उत्कृष्ट निष्पादन के लिए रक्षा मंत्री पुरस्कार।
- वर्ष 2003 एवं 2004 के लिए हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड का ‘सर्वोत्कृष्ट निष्पादन करने वाला प्रभाग’ पुरस्कार प्राप्त हुआ।
- वर्ष 2005 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की कर्नाटक चैप्टर द्वारा उन्नत सुरक्षा पुरस्कार प्राप्त हुआ।
- वर्ष 2016-17 के दौरान पुर्जों के अधिकतम आउटसोर्सिंग में बढ़त के लिए ‘सर्वोत्कृष्ट निष्पादन करने वाला प्रभाग’ पुरस्कार प्राप्त हुआ।
- हेलिकॉप्टर प्रभाग को वर्ष 2021-22 के दौरान, कौशल विकास पहल के रूप में प्रक्षालन परियोजनाओं के तहत उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रक्षालन पुरस्कार प्राप्त हुआ।
प्रभाग की वर्तमान विनिर्माण श्रेणी में निम्नलिखित उत्पाद हैं :-
प्रोन्नत हल्का हेलिकॉप्टर (एएलएच):
स्वदेशी रूप से अभिकल्पित एवं विकसित प्रोन्नत हल्का हेलिकॉप्टर (एएलएच-ध्रुव) 5.5 टन वजन श्रेणी में एक द्वि इंजन, बहु भूमिका, बहु लक्ष्य वाला नई पीढ़ी का हेलिकॉप्टर है। बेसिक हेलिकॉप्टर का स्किड संस्करण एवं पहिएदार संस्करण में उत्पादन होता है। ध्रुव, सैन्य उड़नयोग्यता प्रमाणन केंद्र (सेमिलाक) द्वारा सैन्य प्रचालन तथा नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा सिविल प्रचालन के लिए ‘टाइप प्रमाणित’ है।
उपयोगिता सैन्य संस्करण का प्रमाणन 2002 में पूर्ण हुआ और सिविल संस्करण का प्रमाणन 2004 में पूर्ण हुआ। उत्पादन श्रृंखला हेलिकॉप्टरों की सुपुर्दगी वर्ष 2001-02 से शुरू हुई। मार्च 2017 तक कुल 228 हेलिकॉप्टरों का उत्पादन किया गया है, जिसमें भारतीय सशस्त्र बलों के लिए 216 हेलिकॉप्टर शामिल हैं।
ध्रुव के प्रमुख वेरिएंट को ध्रुव एमके-I, एमके-II, एमके-III और एमके-IV के रूप में वर्गीकृत किया गया है।
हल्का लड़ाकू हेलिकॉप्टर (एलसीएच) :
युद्ध अभियानों के लिए भारतीय वायुसेना की समर्पित हल्के हेलिकॉप्टर की आवश्यकता को पूरा करने के लिए हल्का लड़ाकू हेलिकॉप्टर (एलसीएच) का प्रस्ताव रखा गया था। एलसीएच में एएलएच की अधिकतम संभव समानता है। एलसीएच में एक संकीर्ण फ्यूसलेज में पायलट और सह-पायलट/टेंडम विन्यास में गनर होते हैं, जिसमें कई गुप्त विशेषताएं, कवच सुरक्षा, रात में हमला करने की क्षमता और बेहतर उत्तरजीविता के लिए क्रैश को बचाने वाले लैंडिंग गियर शामिल होते हैं।
हल्का उपयोगिता हेलिकॉप्टर (एलयूएच) :
एलयूएच 3-टन श्रेणी का एक नई पीढ़ी का हेलिकॉप्टर है, जिसमें मल्टी-फंक्शन डिस्प्ले (एमएफडी) के साथ ग्लास कॉकपिट जैसी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी सुविधाएँ शामिल हैं और अधिक ऊंचाई वाले मिशनों की मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त पावर मार्जिन के साथ सिंगल टर्बो शाफ्ट इंजन लगाया गया है। एलयूएच आने वाले दशकों में हेलिकॉप्टरों की इस श्रेणी में उभरती जरूरतों को पूरा करेगा।
यह हेलिकॉप्टर 6.5 किमी की सर्विस सीलिंग और 500 किलोग्राम पेलोड के साथ 350 किमी की रेंज के साथ 220 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरने में सक्षम होगा।
चेतक :
एचएएल ने वर्ष 1962 में मेसर्स एसयूडी – एविएशन (वर्तमान में मेसर्स यूरोकॉप्टर, फ्रांस) के साथ करार कर एलॉयट-III हेलिकॉप्टरों (चेतक) के उत्पादन से हेलिकॉप्टर विनिर्माण के क्षेत्र में प्रवेश किया था। ‘उड़ान भरने योग्य’ प्रथम चेतक (एलॉयट-III) वर्ष 1965 में सुपुर्द किया गया।
चेतक हेलिकॉप्टर दो टन श्रेणी का हेलिकॉप्टर है। सात सीट वाला चेतक हेलिकॉप्टर बहुमुखी, बहु भूमिका वाला, बहुउद्देशीय और विशाल है। इसे सात सीट (दो पायलट और पांच यात्री) के लिए अभिकल्पित किया गया है। इसे एक पायलट के साथ उड़ान भरने की भी अनुमति है और इसमें छह यात्री बैठ सकते हैं।
चीता :
एचएएल ने वर्ष 1970 में मेसर्स एसएनआईएएस के साथ चीता के लिए लाइसेंस करार पर हस्ताक्षर किए। कच्चे माल से विनिर्मित पहला चीता वर्ष 1976-77 में सुपुर्द किया गया था।
चीता हेलिकॉप्टर (यूरोकॉप्टर, फ्रांस के एलएएमए एसए 315बी हेलिकॉप्टर के समान) एक उच्च प्रदर्शन वाला हेलिकॉप्टर है, जिसे विभिन्न वजनों के साथ, गुरुत्वाकर्षण के केंद्र और ऊंचाई की स्थितियों में प्रचालन के लिए अभिकल्पित किया गया है। यह पांच सीट वाला चीता हेलिकॉप्टर बहुमुखी, बहु भूमिका, बहु-उद्देशीय, अत्यधिक गतिशील और निर्माण में मजबूत है। इस हेलिकॉप्टर का हेलिकॉप्टरों की सभी श्रेणियों में अधिक ऊंचाई पर उड़ान भरने का विश्व रिकॉर्ड है।
चीता पांच सीट वाला हेलिकॉप्टर है (एक पायलट + चार यात्री या दो पायलट + तीन यात्री।) यह बहुमुखी, बहुउद्देशीय हेलिकॉप्टर अत्यधिक गतिशील और मजबूत है। अपने उत्कृष्ट शक्ति-भार अनुपात के कारण, चीता गर्म उष्णकटिबंधीय मौसम और अधिक ऊंचाई पर मिशनों में प्रचालनों के लिए सबसे उपयुक्त हेलिकॉप्टरों में से एक है। इस हेलिकॉप्टर का हेलिकॉप्टरों की सभी श्रेणियों में अधिक ऊंचाई पर उड़ान भरने का विश्व रिकॉर्ड है।
लांसर :
1990 के दशक में, एचएएल ने एक हल्का लड़ाकू हेलिकॉप्टर “लांसर” विकसित किया। लांसर हेलिकॉप्टर एक हल्का लड़ाकू हेलिकॉप्टर है, जिसे हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा लागत प्रभावी एयरमोबाइल क्षेत्र हथियार प्रणाली के रूप में विकसित किया गया है।
लांसर की मूल संरचना विश्वसनीय और अपनी योग्यता सिद्ध कर चुके चीता हेलिकॉप्टर से ली गई है। हेलिकॉप्टर का आगे का पैनल और क्रू सीट बुलेट प्रूफ है।
चीतल :
चीतल, चीता हेलिकॉप्टर का रि-इंजिन्ड संस्करण है। यह परियोजना वर्ष 2002 के दौरान शुरू की गई थी और इसका उद्देश्य अधिक ऊंचाई पर परिचालन क्षमताओं और रख-रखाव को बढ़ाने के साथ-साथ सुरक्षित और विश्वसनीय प्रचालनों के लिए मिड-लाइफ उन्नयन प्रदान करना था।
बेहतर प्रदर्शन के लिए चीता के आर्टूस्ट-IIIB इंजन को आधुनिक ईंधन कुशल टीएम333-2एम2 इंजन और एफएडीईसी से बदल दिया गया। इसके अलावा, इंजन के साथ एक स्वचालित बैकअप इंजन नियंत्रण प्रणाली (ईबीसीबी) सुसज्जित है।
- हेलिकॉप्टरों का उन्नयन
- प्रदर्शन में सुधार करने और हेलिकॉप्टरों को अधिक कुशल और लागत प्रभावी बनाने के लिए नई प्रणालियों को लाने के लिए संशोधनों का विकास
- ग्राहकों की माँग के अनुरूप संशोधनों का विकास
- नागरिक हेलिकॉप्टरों का रख-रखाव
- हेलिकॉप्टरों की कार्यस्थल एवं प्रभाग में मरम्मत
- हेलिकॉप्टरों की निर्धारित एवं अनिर्धारित सर्विसिंग
- नागरिक हेलिकॉप्टरों के लिए एओजी की मांगों और क्लीन एक्सचेंज आधार पर पुर्जों की आपूर्ति
- ग्राउंड हैंडलिंग, ग्राउंड सर्विस और बे-सर्विस उपकरणों की आपूर्ति।
- दुर्घटनाओं/घटनाओं एवं दोषों की जांच में सहयोग
- लाइफ एक्सटेंशन स्टडीज़
- तकनीकी प्रश्नों और त्रुटि जांच के उत्तर के रूप में तकनीकी सहयोग
- स्पेयर प्रबंधन का प्रशिक्षण, पायलटों का प्रारंभिक और रूपांतरण प्रशिक्षण, इन-प्लांट प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों, अनुरक्षण कार्यशालाओं और ऑपरेटरों के सम्मेलनों के माध्यम से हेलिकॉप्टरों के रख-रखाव के लिए अभियंताओं और कामगरों का प्रशिक्षण।
- इलस्ट्रेटेड पार्ट्स कैटलॉग (आईपीसी), उड़ान नियमावली, अनुरक्षण नियमावली, पुनर्कल्पन नियमावली और मरम्मत नियमावली सहित उत्पाद साहित्य में संशोधन जारी करने जैसी तकनीकी सेवाएँ
हेलिकॉप्टर प्रभाग सिविल ध्रुव हेलिकॉप्टरों के लिए अनुरक्षण अभिकरण भी है।
यह प्रभाग रक्षा, निर्यात तथा सिविल ग्राहकों की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम है।
महाप्रबंधक
हेलिकॉप्टर प्रभाग
हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड
बेंगलूर – 560 017
टेलिफोन : 91 – 80 – 22312924, 22318602
फैक्स : 91 – 80 – 22314717





